• shareIcon

भूरे चावल के मुकाबले पॉलिश किए गये सफेद चावल को खाने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है

स्वस्थ आहार By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 15, 2013
भूरे चावल के मुकाबले पॉलिश किए गये सफेद चावल को खाने से मधुमेह होने की संभावना बढ़ जाती है

पालिश किए हुए चावल के बारे में एक ऐसा शोध सामने आया है जो भारत सहित एशियाई देशों के तमाम लोगों को निराश कर सकता है।

पॉलिश किया गया चावल खाना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए हानरिकारक हो सकता है और इससे मधुमेह जैसी बीमारी होने की संभावना भी रहती है। इसलिए पॉलिस किये गये सफेद चावल की तुलना में भूरा चावल खाना सेहत के लिए अच्‍छा होगा। आप बिना बिना पॉलिश किया चावल खा सकते हैं, यह मधुमेह के खतरे को कम करता है। 

polished white rice grains चावल को लोगों का मुख्‍य भोजन माना जाता है। चावल सेहत के लिहाज से भी उपयोगी माना जाता है। चाव पचने में आसान होता है। चावल जितना पुराना हो उतना ही स्वादिष्ट और ओज से भरा होता है। चावल को सब्जी, मछली और मांस के साथ खाया जाता है। चावल में प्रोटीन, विटामिन और खनिज होते हैं। लेकिन चावल आपके लिए मुसीबत भी बन सकता है। आइए हम आपको विस्‍तार से इसकी जानकारी दे रहे हैं।

 

क्‍या कहता है शोध

पालिश किए हुए चावल के बारे में एक ऐसा शोध सामने आया है जो भारत सहित एशियाई देशों के तमाम लोगों को निराश कर सकता है। शोध के मुताबिक खाने में अधिक पसंद किया जाने वाला पॉलिश हुआ सफेद चावल व्यक्ति में 'टाइप 2' डायबिटीज की आशंका बढ़ा देता है। जबकि बिना पालिश का भूरा सा दिखने वाला चावल 'टाइप 2' डायबिटीज के खतरे को कम करता है।

भूरे चावल को मिल में पालिश करके सफेद चावल बनाया जाता है। इस वजह से इसके अधिकतर विटामिन और खनिज तत्व नष्ट हो जाते हैं। मिल में चावल के रेशे भी नष्ट हो जाते हैं। हारवर्ड स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के एक अध्ययन में पाया गया कि हफ्ते में पांच बार से ज्यादा सफेद चावल खाना टाइप 2 डायबिटीज की आशंका को बढ़ा देता है। वहीं भूरा चावल हफ्ते में कम से कम दो बार या उससे अधिक खाने से डायबिटीज की आशंका कम हो जाती है।


टीम के प्रमुख शोधकर्ता वी सुन ने बताया, 'पहली बार किसी अध्ययन में डायबिटीज पर पालिश और बिना पालिश के चावल के प्रभाव के बारे में बताया गया है।' सून ने कहा, 'हाल के दशकों में अमेरिका में चावल की खपत बहुत बढ़ गई है। हमारा मानना है कि सफेद चावल और दूसरे पॉलिश किए अनाज की जगह बिना पालिश के चावल को अपने खाने में शामिल किया जाए। इससे टाइप 2 मधुमेह की आशंका को कम किया जा सकेगा।'


भूरे चावल में सफेद चावल के मुकाबले अधिक रेशे होते हैं। उनमें खनिज, विटामिन और लाभदायक रसायनों की मात्रा भी ज्यादा होती है। इसको खाने के बाद खून में शुगर का स्तर भी सफेद चावल की तुलना में कम बढ़ता है। शोध के परिणाम 'आर्काइव्स ऑफ इंटरनल मेडिसन' जर्नल में प्रकाशित हैं।

 

 

Read More Articles on Diet And Nutrition In Hindi

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK