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पीठदर्द

दर्द का प्रबंधन By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
पीठदर्द

पीठ दर्द बहुत ही सामान्य किस्म की एक समस्या है जो अधिकतर बड़े उम्र के लोगों का सताती है। पीठ दर्द के बहुत से मामलों में कुछ हफतों के इलाज से यह बीमारी ठीक होक जाती हैं लेकिन कभी –कभी यह इतना जिददी रूप् धारण कर लेता है कि मरीज और डॉक्टर दोनों के लिए एक बड़ी समस्या पैदा कर देता है।

 

कारण

 

पीठ दर्द के बहुत से कारण हैं जिनमें कुछ प्रमुख है

  • लुम्बार मांसपेषियों में मोच: पीठ के नीचले हिस्स्ेा में दर्द का यह एक सामान्य  कारण है;इंटरवर्टेबरल डिस्क का अपने स्थान से खिसक जाना
  • डिसकोगनेटिक पीठ दर्द:यह इंटरवटें‍र्बल डिसक के क्षतिग्रस्त होने के कारण होता है।
  • स्पाइनल स्टेनोसिस: स्पाइनल कैनल के संकड़ां हो जाने के कारण भी एक बड़ी संख्यां में लोग पीठ दर्द के षिकार हो जाते है।
  • लुम्बार स्पाइन का अर्थराइटिस
  • स्पोडिलोलिसथेसिस
  • ओस्टियोसोराइसिस

 

लक्षण

  • पीठ के नीचले हिस्से में दर्द होना
  • दर्द उपर से नीचे की ओर और पांवो की तरफ फैलता हैं
  • कमधाम करने पर दर्द बढ जाता है, सुबह सोकर उठने पर,देर तक बैठे रहने पर और में कार लांग डराइव करने पर पीठ दर्द ाुरू हो जाता है।
  •  टगर  किसी कारणवष नसे दब जाती है तो ारीर सुनन होने लगता है। और पीठ और पाव में कमजोरी का एहसास होता है।

 

श्रोग निदान और जांच

 

पीठ दर्द के ढेर सारे संभावित कारणों की वजह से इसके वास्तविक  कारणों का पहचान करना काफी चुनौतिपुर्ण होता है।  दर्द के कारणों का पता लगाने और उसे दूर करने के लिए डॉक्टर प्रभावित अंगों का जाहिरी तौर पर पूर्णरूप् से परीक्षण करता है और जरूरत पड़ने पर कई तरह के टेस्ट भी कराने की सलाह देता है। इसमें डॉक्टर मरीज के पूरे मेडिकल इतिहास की जानकारी भी लेता है जैसे दर्द कब , कहां और कैसे होता है, मरीज की दिनचर्या और अगर कभी कोइ्र चोट लगी हो तो उसकी जानकारी ।

  • एक्स–रे और सीटी स्कैन: इससे ारीर के हिस्से में कोई टूटफूट या जोड़ों में हाने वाली क्षति का पता चलता है।
  • रक्त की जांच : संक्रमण और गांठ होने का संदेह होने पर

 

उपचार

  • सामान्यत: पीठ दर्द कुछ हफतों के इलाज के बाद ठीक हो जाता है लेकिन कुछ लागों में यी समस्या काफी कठिन और निराषाजनक हो जाती है जो जल्दी ठीक नहीं हो पाती है।
  • आराम और गर्म सेक : पीठ दर्द के बहुत से मामलों में पैरासिटामोल, आबुपरोफन जैसी साधारण दद्र निवारक गोलियां के सेवन, गर्म सेक और आराम करने से पीठ दर्द से आराम मिल जाता है।  लेकिन गंभीर किस्म के दर्द में भारी चीजों के उठाने, कमर और पीठ को मोड़ने और बहुत ज्यादा ाारीरिक श्रम करने से बचना चाहिए ।
  • ओटीसी पेन रिलीफ :  पैरासिटामोल और आइबुपरोफिन,मेफेनामिक जैसी स्टज्ञरॉयड रहित दर्द निवारक गाोलियां पीठ दर्द और इससे जुड़ी सूजन के उपचार में काफी सहायक साबित होती है।
  • एक्सरसाइज :पीठ दर्द में पीठ के मांसपेषियों को ताकत देने के लिए एक्सरसाइज करना काफी लाभदायक सिद्ध होता है। इससे पीठ के मांसपेषियों में ताकत के साथ उसमें लचीलापन आता है और दर्द से आराम मिलता है।

टगर इस साधारध उपचार से दर्द में कोई आराम नहीं मिले तो तुरंत अपने फिजिषियन िो दिखाए ।

 

दवा का सेवन

  • स्टारॉयड रहित और नारकोटिक दर्द निवारक :नान स्टेरॉयड, एनएसएआइडी, आइबुपरोफन, नैपरोक्सिन, मेफेनामिक, और नारकोटिक दर्द निवारक गोली माफर्आिन और आॅक्सिमोफर्किन जैसी दवाए दर्द से फौरी तौर पर राहत देने में काफी प्रभावषाली होती है। लेकिन इन दवाओं का हायर डोज कई तरह के दुशप्रभाव छोड़ते हैं जिनमें रक्त स्राव,गैस और पेट संबधी कई तरह की बीमारियां ाामिल हैं।  इसलिए पेट रोग खास तौर पर अल्सर के मरीजों को ये दवाएं नहीं दी जाती है। नारकोटिक्स दर्द निवारक गोलियां मरीज को आश्रित और अभ्यस्थ बना देती है। इन दवओं का इस्तमाल सिमित समय के लिए डॉक्टरों के देखरेख में करनी चाहिए । लम्बे समय तक इन दवाओं का इस्तमाल मरीज के लिए खतर...

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