Subscribe to Onlymyhealth Newsletter
  • I have read the Privacy Policy and the Terms and Conditions. I provide my consent for my data to be processed for the purposes as described and receive communications for service related information.

पक्षियों से ज्यादा नजदीकी ठीक नहीं

परवरिश के तरीके By अन्‍य , सखी / Jul 12, 2010
पक्षियों से ज्यादा नजदीकी ठीक नहीं

अगर आपको पक्षियों से बहुत लगाव है तो आप सावधान हो जाएं क्योंकि इनसे ज्यादा नजदीकी आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है।

अगर आपको पक्षियों से बहुत लगाव है तो आप सावधान हो जाएं क्योंकि इनसे ज्यादा नजदीकी आपके स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। तोता और लवबर्ड से ज्यादा नजदीकी आपको साइटाकोसिस न्युमोनिया का शिकार बना सकती है। इसे पैरट फीवर के नाम से भी जाना जाता है। बीमार पक्षी कई तरह की बीमारियों के स्त्रोत होते हैं। इन पक्षियों से ज्यादा लगाव आपको बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी और चक्कर सहित कई अन्य तरह की बीमारियां दे सकता है।

 

एक मशरूम खाएं प्रतिदिन  

 

अपने इम्यून सिस्टम और स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए एक मशरूम प्रतिदिन खाएं। चीन में हुए एक शोध से पता चला है कि प्रतिदिन तीन से चार मशरूम खाने से इसमें मौजूद तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है लेकिन बरसात के दिनों में  उपज आए जंगली मशरूम खाने से किडनी से संबधित बीमारी हो सकती है। इसलिए मशरूम  देख-परख कर ही खरीदें और खाएं।

 

मक्के में होते हैं कई गुण  

 

मक्का सामान्यत: भुट्टों के दानों के रूप में खाया जाता है। इसमें 36.2 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 11 प्रतिशत प्रोटीन और फॉस्फोरस जैसे तत्व होते हैं। इसका वानस्पतिक नाम जीया मेयडिस है। भुट्टे खाने से आमाशय मजबूत होता है और शरीर में खून की मात्रा बढ़ती है। भुट्टे के सेवन से शक्ति मिलने के साथ यह टीबी जैसे रोग से शरीर को बचाता है। इसके तेल से शरीर की मालिश करने पर शक्ति मिलती है। एनीमिया में भुट्टे खाना शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

 

स्वास्थ्य के लिए जरूरी फ्लेवोनॉयड 

 

एंटी ऑक्सीडेंट्स कम्पाउंड को फ्लेवोनॉयड्स कहते हैं। यह तत्व अंगूर, प्याज, चेरी, ब्लैक बेरी और ब्लू बेरी में पाया जाता है। फ्लेवोनॉयड्स खून में कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को कम, मसूढों की रक्षा करने के अलावा आंखों की रोशनी बढ़ाते हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार यह कैंसर की संभावना को काफी हद तक कम करने के अलावा बढ़ती उम्र के असर को कम और इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है।

 

जानिए अपनी त्वचा के दुश्मनों को 

 

अल्कोहल त्वचा का सबसे बड़ा दुश्मन है। यह त्वचा को लाल कर देता है। इसी तरह कैफीन और गर्म पेय भी हमारी त्वचा को बहुत नुकसान पहुंचाते हैं। भोजन में अत्यधिक तेल और मसाले कील मुहांसों की जड़ हैं। धूप त्वचा को झुलसाने के साथ स्किन कैंसर और झुर्रियों के लिए जिम्मेदार होती है। यही नहीं, धूल व प्रदूषित वातावरण भी चेहरे की नमी चुरा लेते हैं। त्वचा की कुदरती चमक के लिए बचें इन सबसे।

 

कैसे करें दांतों की देखभाल  

 

दांतों से दाग हटाने के लिए आप घर में रखा बेकिंग सोडा और कुछ बूंद हाइड्रोजन पैराऑक्साइड मिलाकर पेस्ट बनाकर दांतों पर मले। इससे दाग आसानी से गायब हो जाएंगे। व्हाइटनिंग टूथ पॉलिश का इस्तेमाल न ही करें तो अच्छा होगा। यह दांतों को चमक देने वाले इनामेल को भी दाग के साथ हटा देता है। इससे दांतों का कालापन और बढ़ने के साथ अन्य कई परेशानियां पैदा हो जाती हैं।

 

बच्चे के वजन का स्वास्थ्य पर असर 

 

इग्लैंड के साउथंप्टन विश्वविद्यालय में हुए एक शोध के अनुसार ऐसे बच्चे जो जन्म के समय अच्छे वजन के होते हैं वे कम वजन वाले बच्चों के मुकाबले स्वस्थ जीवन जीते हैं। वहां के मेडिकल  रिसर्च कांउसिल ने पाया कि जो बच्चे जन्म के समय कम वजन के थे, 53 वर्ष की उम्र तक उनकी मांसपेशियां कमजोर हो गई थीं। कम वजन वाले बच्चों की मांसपेशियों में फाइबर कम होते हैं। और यही प्रभाव उन पर आजीवन बना रहता है।

 

Written by
अन्‍य
Source: सखीJul 12, 2010

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

Trending Topics
More For You
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK