दो तरह की होती है नींद

Updated at: Feb 18, 2011
दो तरह की होती है नींद
 जया शुक्‍ला
मानसिक स्‍वास्‍थ्‍यWritten by: जया शुक्‍ला Published at: Feb 18, 2011

हाल-हाल तक धारणा थी कि शरीर और दिमाग को पूरा आराम देने के लिए सोना जरूरी है, लेकिन अब मालूम हुआ कि सोते वक्त दिमाग बहुत अधिक सक्रिय रहता है, इसके चलते आराम और नींद के दौरान जो तुलनात्मक ऊर्जा प्रयुक्त होती है, उसमें अंतर बहुत कम है।

 
दरअसल नींद दो प्रकार की होती है। एक रैम और दूसरी नॉन रैम। नॉन रैम के दौरान शरीर और दिमाग अक्रियाशील हो जाते हैं, जबकि रैम नींद में लोग सपने देखते हैं और उनका दिमाग सक्रिय रहता है। प्रतीत होता है कि रैम नींद के दौरान मस्तिष्क का विकास होता है और इसका संबंध सीखने और याददाश्त से होता है। शायद इसी कारण वयस्क और बूढ़ों की तुलना में बच्चे ज्यादा समय रैम नींद में गुजारते हैं। रैम का अर्थ संक्षेप में रैपिड आई मूवमेंट है।

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