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दांतों का नाता सिर्फ खूबसूरती

Updated at: Jun 24, 2015
मुंह स्‍वास्‍थ्‍य
Written by: Pooja SinhaPublished at: Jan 15, 2013
दांतों का नाता सिर्फ खूबसूरती

दांतों का नाता सिर्फ खूबसूरती से नहीं होता, बल्कि इनके बिना जिंदगी बेहद मुश्किल हो जाती है। दिक्कत यह है कि हममें से ज्यादातर लोग दांतों की देखभाल को लेकर गंभीर नहीं होते।

दांतों का नाता सिर्फ खूबसूरती से नहीं होता, बल्कि इनके बिना जिंदगी बेहद मुश्किल हो जाती है। दिक्कत यह है कि हममें से ज्यादातर लोग दांतों की देखभाल को लेकर गंभीर नहीं होते। अगर शुरू से ध्यान दिया जाए तो दांतों की बहुत सारी समस्याओं से बचा जा सकता है।

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दुनिया में करीब 90 फीसदी लोगों को दांतों से जुड़ी कोई न कोई बीमारी या परेशानी होती है, लेकिन ज्यादातर लोग बहुत ज्यादा दिक्कत होने पर ही डेंटिस्ट के पास जाना पसंद करते हैं। इससे कई बार छोटी बीमारी सीरियस बन जाती है। अस्वस्थ दांतों व मसूड़ों का असर गुर्दों, आतों, दिल व फेफड़ों पर भी पड़ता है, अत: प्रतिदिन नियमित रूप से दांतों की सफाई करना अत्यन्त आवश्यक है। अगर सही ढंग से साफ-सफाई के अलावा हर 6 महीने में रेग्युलर चेकअप कराते रहें तो दांतों की ज्यादातर बीमारियों को काफी हद तक सीरियस बनने रोका जा सकता है। आइए जानें दांतों की बीमारियों के बारे में जानकारी लेते हैं।

पायरिया

दांतों की सबसे प्रमुख बीमारी है पायरिया, जो ठीक प्रकार से दांतों की सफाई न करने के कारण होती है। दांतों व मसूड़ों के बीच सख्त मैल की परत (टार्टर) जम जाने से उसमें जीवाणु पैदा हो जाते हैं और मसूड़ों में संक्रमण हो जाने से खून व बीमारी पुरानी होने पर हड्डी गलने से मवाद पड़ जाता है तथा दांत कमजोर होकर गिरने लगते हैं। मुंह से दुर्गंध आने लगती है। प्रतिदिन नियमित रूप से दांतों की सफाई करना अत्यन्त आवश्यक है। खाना खाने के बाद ब्रश करना हरगिज न भूलें।


सांस की दुर्गंध

सांस की दुर्गंध एक गंभीर समस्या बन सकती है। सांस की दुर्गंध उन बैक्टीरिया से पैदा होती है, जो मुंह में पैदा होते हैं और दुर्गंध पैदा करते हैं। नियमित रूप से ब्रश नहीं करने से मुंह और दांतों के बीच फंसा भोजन बैक्टीरिया पैदा करता है। इन बैक्टीरिया द्वारा उत्सर्जित सल्फर, यौगिक के कारण आपकी सांसों में दुर्गंध पैदा करता है।  किंतु कुछ साधारण उपायों से सांस की दुर्गंध को रोका जा सकता है।

 

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दांतों की देखभाल के उपाय

  • दांतों की नियमित देखभाल के लिये आवश्यक है, खाना खाने के बाद जीभ तथा दांत की अच्छी तरह सफाई करें।
  • ब्रश से दो दांतों के बीच का हिस्सा अच्छी तरह साफ करना चाहिए अन्यथा वहां धीरे-धीरे कीड़े लगने शुरू हो जाते हैं जो बाद में दांत दर्द की समस्या बनकर उभरती है।
  • ब्रश को प्रत्येक चार महीने में बदल दें।
  • दांतों को स्वस्थ रखने के लिए अधिक मीठा खाने से परहेज करना चाहिए। ऐसी चीजों को खाने से बचना चाहिए जो दांतों तथा मसूढ़ों से चिपक जाते हैं, जैसे बिस्कुट, चॉकलेट आईसक्रीम आदि।
  • हमेशा नर्म बालों वाले ब्रश का उपयोग करें।
  • नियमित रूप से प्रात: व सोने से पूर्व ब्रश करें।
  • ब्रश करने में लगभग दो मिनट का समय दें। बहुत देर तक ब्रश करना दांतों के इनेमल के लिए हानिकारक होता है।
  • अच्छे फ्लोराइड युक्त टूथपेस्ट का प्रयोग करें।
  • दांतों की दरारों को साफ करने के लिए डेंटल फ्लॉस का उपयोग करें।
  • माउथवॉश का नियमित रूप से प्रयोग करें।

 

Image Source : Getty

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इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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