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    तपेदिक में तम्बाकू का सेवन जानलेवा

    ट्यूबरकुलोसिस By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 17, 2012
    तपेदिक में तम्बाकू का सेवन जानलेवा

    टीबी होने पर तंबाकू का सेवन जानलेवा है।

    Tobacco in tuberculosis

    तपेदिक (टीबी, ट्यूबरकुलोसिस या क्षय रोग ) जैसी संक्रामक बीमारी अब भले ही लाइलाज न हो लेकिन लोगों में जागरूकता की कमी के अभाव में इस जानलेवा बीमारी से देश में हर तीन मिनट में दो और हर रोज करीब एक हजार लोगों की मौत हो रही है। टीबी के मरीज को तंबाकू का सेवन बिलकुल नहीं करना चाहिए। तं‍बाकू आदमी के फेफडे़ पर आक्रमण करता है जिससे लंग कैंसर की संभावना बढ जाती है। क्यों कि तंबाकू टीबी के मरीजों को नुकसान पहुंचाता है साथ ही तंबाकू खाने के बाद थूकने से तपेदिक का संक्रमण और फैलता है।



    टीबी में तंबाकू खाने के नुकसान -


    •    टीबी मुख्य रूप से फेफडे की बीमारी है और तं‍बाकू के सेवन से फेफडे का कैंसर होता है।
    •    तंबाकू मुंह, गले, पेट, गुर्दे, मूत्राशय आदि शरीर के अंगों में कैंसर का जिम्मेदार होता है और तपेदिक होने पर इसकी संभावना बढ जाती है।
    •    तपेदिक रोग में तंबाकू का सेवन करने से हार्ट अटैक और सीने में दर्द बढ जाता है जो कि मरीज के लिए जानलेवा हो सकता है।
    •    तंबाकू का सेवन दिल की धडकन को अनियमित कर देता है जो कि टीबी के मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
    •    टीबी सांस की बीमारी है और तंबाकू खाने से सांस लेने में दिक्कत होती है।
    •    तंबाकू का सेवन चिलम में भी किया जाता है, जिसे लोग सांस से अंदर खींचते हैं। टीबी के दौरान चिलम से सांस लेने से फेफडों पर खिंचाव होता है जो कि जानलेवा हो सकता है।
    •    तंबाकू खाने से सांस लेने में दिक्कत होती है क्यों कि मुंह ज्यादा नहीं खुल पाता है।
    •    तंबाकू खाने से मुंह का कैंसर हो जाता है।
    •    तंबाकू से मुंह में छाले पड़ जाते हैं, जबडे़ सूज जाते हैं और मुंह में घाव होने से खून निकलने लगता है, जबकि तपेदिक में भी मुंह से खून निकलता है।
    •    90 प्रतिशत से अधिक फेफड़ों के कैंसर तथा फेफड़ों की अन्य बीमारियों का कारण तंबाकू  है।
    •   अक्सगर तंबाकू का सेवन करने वालों में टीबी का खतरा 3 गुना अधिक हो जाता है। जितना अधिक जितना ज्यादा तंबाकू का सेवन होगा तपेदिक के जानलेवा होने की संभावना उतनी ज्यादा होगी।
    •    तम्बाकू पूरे शरीर की धमनियों की परत को नुकसान पहुँचाता है।
    •   तंबाकू खाने के बाद आदमी को बार-बार थूकने की जरूरत होती है। टीबी मरीज के बलगम में माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस कीटाणु होता है जो हवा में फैलता है और अन्य लोग भी इसकी चपेट में आते हैं।



    टीबी होने पर तंबाकू का सेवन जानलेवा तो है ही साथ ही साथ तपेदिक होने पर तंबाकू का सेवन करने वाले व्यक्ति के पास रहने पर संक्रमण के फैलने की संभावना ज्यादा हो जाती है क्योंककि मरीज बार-बार बलगम बाहर निकालता है और हवा में कीटाणु ज्यादा फैलते हैं।

     
    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।