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तनाव का सामना कैसे करें

मानसिक स्‍वास्‍थ्‍य
By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Aug 03, 2012
तनाव का सामना कैसे करें

तनाव होने पर घबड़ाने की बजाय इन बातों को अपनाएं। 

Tanav ka samana kaise kareवर्तमान समय में हर किसी को काम तेजी से खत्म करने की जल्दी है चाहे वह पढ़ाई, घरेलू काम, संबंध या परिवार हो। इस तनाव बढ़ता है। तनाव दो किस्म का होता है ‘यूस्ट्रेस’ या सहायक तनाव और ‘संकट’ असहायक या दुर्भावनापूर्ण तनाव। हालांकि कुछ डिग्री तनाव अक्सर हमें आराम के मूड से बाहर निकालने और काम पर लगाने के लिए वांछनीय होता है, तनाव अक्सर हमारे शारीरिक और मनोवैज्ञानिक कल्याण क लिए दुर्भावनापूर्ण होता है। जब हम ज़रुरतों, अपेक्षाओं और दबाव जो या तो बाहरी दुनिया या हमारे भीतर हों का प्रभावी ढंग से सामना नहीं कर पाते हैं तो हम तनाव का अनुभव करते हैं। आमतौर पर लोग किसी भी तनाव जिसके मध्यम तत्कालीन प्रभाव होते हैं प्रभावी ढंग से संभाल लेते हैं। हालांकि, अगर तनाव लंबे समय के लिए बना रहता है तो हमारी सोच, भावना, व्यवहार और शरीर में परिवर्तन स्थायी हैं।

हालांकि, प्रत्येक आदमी के लिए तनाव का अनुभव दूसरों से भिन्न होगा क्योंकि यह उसकी सामना करने की क्षमता, वर्तमान जीवन संदर्भ और आत्म जागरूकता, जो उसकी भीतर की दुनिया में है, पर निर्भर करता है; जो एक व्यक्ति को एक विशेष समय पर तनावपूर्ण लगता है अन्य पुरुषों के लिए नहीं हो सकता। एक व्यक्ति को जो तनाव लगता है दूसरों को नहीं लग सकता। लेकिन पूरे तौर पर विशेष रूप पुरुष के तनाव के लक्षणों को पहचानने में बहुत खराब होते हैं। वे अक्सर इस बात से इनकार करते हैं कि वे तनाव से पीड़ित हैं क्योंकि उन्हें डर होता है कि यह कमजोरी की निशानी है। पुरुष अक्सर तनाव की जागरूकता को अवांछित मानते हैं और इसे दूसरों पर मढ़ देते हैं। वे हर किसी को सिवाए अपने तनाव में देखते हैं। वे इन लक्षणों से इनकार कर देते हैं लेकिन इस प्रक्रिया में कष्ट भोगते हैं क्योंकि इस इनकार से आत्म-विनाशकारी व्यवहार, मनोवैज्ञानिक लक्षण और शारीरिक बीमारियां पैदा हो सकती हैं। यहां तक कि जब पुरुष स्वीकार भी करते हैं कि वे तनाव में हैं वे शायद ही कभी दूसरों के साथ इसे बांटते हैं लेकिन इसे विभिन्न तरीकों से मिटाने की कोशिश करते हैं और उनकी ये अनिच्छा तनाव को बढ़ा देती है। महिलाओं की तुलना में पुरुषों की चार गुना अधिक आत्महत्या, शराब और नशीली दवाओं के उपयोग और हिंसा का प्रदर्शन करने की संभावना होती है।

पुरुषों में तनाव के लक्षण 


निम्नलिखित सूची में पुरुषों द्वारा सामान्य रुप से अनुभव किए जाने वाले तनाव के प्रमुख लक्षण दिए गए हैं:

  • व्यसन: जो पुरुष अपने तनाव से इनकार करते हैं अक्सर बहुत हानि, चिंता, दर्द और कमजोरी की भावना से असहज महसूस करते हैं। तनाव को मानने से उनके इनकार में वे चरम उपाय अपना लेते हैं जो उन्हें योग्यता, अधिकार और कल्याण का झूठा बोध देते हैं। वे लगातार यौन संबंध बनाते, खतरों भरा व्यवहार प्रदर्शित करते और शराब तथा नशीली दवाओं का प्रयोग करते हैं।
  • शारीरिक समस्याओं: हमारे मन और शरीर के बीच एक अंतरंग संबंध है, जो हमें लगता है कि हमारे शरीर को प्रभावित करता है। चूंकि पुरुष इसे स्वीकार नहीं करते हैं और न ही उसके साथ निपटते हैं, वे इसे दबाने में लगे रहते हैं और यह उनके शरीर को प्रभावित करना शुरू कर देता है। तनाव की अधिकता हमारे शरीर पर हमला करती है और प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बना देती है। यह व्यक्ति को शारीरिक बीमारियों और शारीरिक कामकाज के खराब होने के जोखिम को बढ़ा देता है। इसकी आम शारीरिक अभिव्यक्तियां हैं: सीने में दर्द, सांस लेने में कठिनाई, वजन लाभ या हानि, सिर दर्द, कामवासना का कम होना, शरीर में दर्द, अपच, दस्त, चक्कर आना, कब्ज और पेट में ऐंठन।
  • नींद की समस्याएं: व्यक्ति की नींद तनाव की वजह से खराब हो जाती है। व्यक्ति की आवश्यकता में वृद्धि हो सकती है और वह जरूरत से ज्यादा नींद लेना शुरू कर सकता है। इसके विपरीत, दूसरों को कम नींद आती है या मुश्किल से ही पर्याप्त समय के लिए सो पाते हैं। तथापि दूसरे ज़रुरत के हिसाब से नींद लेते हैं लेकिन जब वे उठते हैं तो उनको ताज़गी महसूस नहीं होती।
  • चिरकालिक थकान की भावना: व्यक्ति को लगता है कि जैसे उसके शरीर से सारी ऊर्जा निकाल ली गई है और थकान की भावना के समय की लंबी अवधि के लिए रहती है। वह बहुत कमजोर महसूस करता है और निरंतर काम पर ध्यान नहीं दे पाता। दिनचर्या की छोटी गतिविधियों को करने में भी वह थक जाता है। यह शारीरिक थकान नहीं है लेकिन भावनात्मक रुप से छोटे और समाप्त होने से व्युत्पन्न है। व्यक्ति चाहे कितनी भी नींद ले ले वह खुद को ताज़ा महसूस करने में विफल रहता है। ऐसे कई विफल प्रयासों के क...
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सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागAug 03, 2012

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