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डायबिटीज़ में प्यास अधिक क्यों लगती है

डायबिटीज़ By Nachiketa Sharma , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 12, 2012
डायबिटीज़ में प्यास अधिक क्यों लगती है

मूत्रनली में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से पेशाब बार-बार आता है और प्‍यास लगती है।

diabetes me pyaas adhi kyu lagti hai

डायबिटीज या मधुमेह रोग ज्यादातर मोटे लोगों में होताहै। जब शरीर में शर्करा की मात्रा को नियंत्रित करने के लिए शरीर आवश्यकता से ज्यादा मात्रा में शुगर ग्रहण कर लेता है और अनावश्यक शुगर बाहर नहीं निकाल पाता है। इन कारणों से शरीर में शर्करा की मात्रा अधिक हो जाती है, और मधुमेह हो जाता है। शरीर में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से खून मीठा हो जाता है। पेशाब के रास्ते से शुगर बाहर निकलती है और कमजोरी आ जाती है। मधुमेह होने पर रोगी को कई प्रकार के अन्य‍ रोग शुरू हो जाते हैं। साइटिका, फोडे, खुजली, कब्ज की समस्या, दिल के रोग, गुर्दे और मूत्रनली में जलन आदि शुरू हो जाते हैं। डायबिटीज में रोगी को प्यास अधिक लगती है।

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डायबिटीज में अधिक प्यास लगने के कारण -

  • जब खून में शुगर का स्तर ज्यादा हो जाता है तो उसे हाइपरग्लीसीमिया (Hyperglycemia) या हाई ब्लड शुगर कहते हैं। हाई ब्लड शुगर का कारण ज्यादा खाना, बहुत कम व्यायाम या किसी अन्य बीमारी में गलत दवाई खाना होता है।
  • रक्त से शुगर की मात्रा बढने पर गुर्दा (किड्नी) फिल्टर का काम करता है और इस शुगर को शरीर के उपयोग के हिसाब से रीसाइकिल करता है। लेकिन शुगर का स्तर जब ज्यादा हो जाता है तब किड्नी उसे अवशोषित नहीं कर पाती है और तब शुगर मूत्रनली में जाता है।  
  • मूत्रनली में शुगर की मात्रा ज्यादा होने से पेशाब बार-बार आता है। पेशाब के रास्ते से शुगर बाहर निकलती है, जिसके कारण रोगी के शरीर में पानी की कमी होने लगती है और उसे ज्यादा प्यास लगती है।
  • बार-बार पेशाब करने की वजह से गुर्दे में हार्मोन की कमी हो जाती है और किडनी से पानी का स्राव होने लगता है जिसकी वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है।
  • ज्यादा प्यास लगने का प्रमुख कारण होता है कि खून में शुगर की मात्रा का बहुत ज्यादा होना। ज्यादा प्यास लगने पर मधुमेह का निदान कराना चाहिए। जिससे कि पता चल सके कि आपकी किड्नी अच्छे से काम कर रही है या नहीं।
  • बडों की तुलना में बच्‍चों में डायबिटीज होने पर बार-बार पेशाब आता है, जिसके कारण बच्चों के शरीर से तरल पदार्थ बाहर निकलते हैं। इसके कारण बच्चे को ज्यादा प्यास लगती है और वह अधिक पानी पीने लगता है। बच्चे के शरीर में पानी की कमी होने के कारण बच्चे कमजोरी महसूस करने लगते हैं या वह आलसी हो जाते है।
  • बच्चे के पल्स बहुत तेजी से चलने लगते हैं, जिसकी वजह से कभी-कभी बच्चे को दिखाई भी नहीं देता है। इसलिए अगर बच्चे  को डायबिटीज हो तो उसकी पानी की आवश्यकता का ध्यान रखना चाहिए।


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डायबिटीज एक कष्टकारी रोग है, इसमें रोगी को मीठी वस्तुएं खाना मना होता है। मरीज के शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती है। मरीज को घाव या चोट लगने पर घाव आसानी से ठीक नहीं होते हैं। मधुमेह के रोगी नियमित दिनचर्या अपनाकर मधुमेह का उपचार किया जा सकता है।

 

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