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टी एम डी डिज़ार्डर

विविध By अन्‍य , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
टी एम डी डिज़ार्डर

आपके निचले जबड़े औऱ खोपड़ी का संधिस्थल टोम्पोरोमेंडीबुलर जोड़ के नाम से जाना जाता है। ये कान के ठीक पास, चेहरे के दोनों ओर स्थित होते हैं। टोम्पोरोमेंडीबुलर डिसऑर्डर इनमें से कोई भी हो सकता है-जबड़ों में दर्द, सिरदर्द, कानों का दर्द, मुंह खोलने में परेशानी और चेहरे के दूसरे तरह के दर्द या समस्याएं।


लक्षण


टीएमडी से पीड़ित लोगों को अस्थायी या स्थायी प्रकार का तेज दर्द और कठिनाई हो सकती है। टीएमडी के सामान्य लक्षण हैं-


•    चेहरे के किसी भाग या कान, गर्दन और कंधे  में दर्द या संवेदनशीलता, जो खाते, बोलते या चेहरे के किसी अन्य प्रकार के गतिविधि के समय महसूस होता है।

•    मुँह बहुत ज्यादा खोलने की अक्षमता

•    जबड़े का लॉक हो जाना, अर्थात जबड़े का बंद होना या खुला ही रह जाना।

•    मुंह की गति के समय विभिन्न आवाजें, जैसे-फटने या पीसने की आवाज आना। इनके साथ दर्द हो सकता है या नहीं भी हो सकता है।

•    चबाने में समस्या या असामंजित बाइट।

•    चेहरे के क्षेत्र में थकान महसूस होना या इसके किसी तरफ सूजन होना।

•    दांत का दर्द, सिरदर्द, गर्दन का दर्द, चक्कर आना, कान का दर्द और सुनने में परेशानी कुछ अन्य सामान्य लक्षण हैं जो टीएमजे के सही तरीके से कार्य करने में अक्षमता के साथ प्रकट होते हैं।


कारण


टीएमजे की अक्षमता के कारण इस प्रकार हैं-


•    जबड़े या टोम्पोरोमेंडीबुलर पर लगी गहरी चोट
•    दांतों का मालोक्लूजन या बैड बाइट
•    दांतों का दबाना, पीसना या भींचना। इससे टीएमजे पर बहुत दबाव पड़ता है और जबड़े की मांसपेशियों में थकान और दर्द हो सकता है।

•    टोम्पोरोमेंडीबुलर जोड़ों का टूट जाना या इससे बॉल और सॉकेट का अलग हो जाना।

•    टीएमजे का आस्टियोअर्थराइटिस या रयूमेटॉइड अर्थराइटिस।

•    लेकिन अधिकतर मामलों में कोई स्पष्ट कारण नहीं होता।


जांच और रोग की पहचान


कई अन्य परिस्थितियों, जैसे-दांत का दर्द, साइनस की समस्या, अर्थराइटिस या मसूड़ों की बीमारियों से टीएमडी के जैसे ही लक्षण उत्पन्न होते हैं। डॉक्टर आपके व्यापक इतिहास की जानकारी और संपूर्ण चिकित्सकीय परीक्षणों के आधार पर आपके लक्षणों के कारण का निर्धारण करते हैं।


•    एक्स-रे से पूरे जबड़े, टीएमजे, और दांत को देखा जा सकता है, जिससे पता चल सके कि किसी अन्य समस्या से तो दर्द नहीं हो रहा।

•    इमेंजिंग स्कैन, जैसे-सीटी स्कैन या एमआरआई से रोग के पहचान की पुष्टि होती है। डॉक्टर कोमल ऊतकों को देखने के लिए एमआरआई स्कैन और जोड़ों की स्पष्ट तस्वीर देखने के लिए सीटी स्कैन का उपयोग करते हैं।

आपको आगे के इलाज के लिए ओरल सर्जन/ओरल मैक्सीलोफेशियल सर्जन से संपर्क की सलाह दी जा सकती है।


उपचार


आपके डॉक्टर परामर्श दे सकते हैं-

 

•    अगर आपके ऊपरी और निचले जबड़े या बाइट का सम्मिलन सही नहीं है तो दांतो के लिए बाइटप्लेट का प्रयोग करें।

•    अगर आपको नींद में दांत पीसने की आदत है, तो दांतों पर नाईटगार्ड लगाना उपयोगी होगा।

•    अगर आप तनाव के कारण दांत पीसते हैं तो तनाव घटाने की तकनीक या कॉग्निटिव बिहेविओरल थेरेपी(संज्ञानात्मक व्यवहार पद्धति)।


दवाएं-


आपके डॉक्टर इनमें से किसी एक दवा की सलाह दे सकते हैं-

•    दर्द से राहत के लिए नॉनस्टेरॉयडल एंटी-इंफ्लेमेट्री दवाएं, जैसे-आइब्यूप्रोफेन, डिक्लोफिनैक, नैप्रोक्सेन।

•    ऐंठन या दर्द से राहत के लिए रात में सोते समय साधारण ट्रैंक्विलाइजर्स या मसल रिलैक्सेंट, जैसे-क्लोरजॉक्साजोन, मेथोकार्बामोल, डायजिपम।

•    दर्द की जगह पर एनस्थेसिया(सुन्न करनेवाली दवा) का इंजेक्शन

•    तेज दर्द के लिए कार्टिकोस्टेरॉयड का इंजेक्शन


सर्जरीः

अगर दवाओं से दर्द पर नियंत्रण पाना कठिन हो तो सर्जरी की सलाह दी जा सकती है। टीएमडी की तीन प्...

Disclaimer

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