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ज्यादा मीटिंग से कम होता है आईक्यू लेवल

लेटेस्ट By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 20, 2012
 ज्यादा मीटिंग से कम होता है आईक्यू लेवल

ज्यादा मीटिंग करने से सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होती है।

Zyada meeting karne se kum hota hai IQ level

ऑफिस में मीटिंग्स करना एक आम बात है, लेकिन क्या आप जानते हैं इन मीटिंग्स से आपके दिमाग पर काफी असर होता है। जी हां, हाल ही में हुए एक शोध में सामने आया है कि ऑफिस में ज्यादा से ज्यादा समय मीटिंग्स करने वाले लोगों में सोचने-समझने की क्षमता धीरे-धीरे खत्म हो सकती है। यह बात भले ही आपको बेहद चौकानें वाली लगे लेकिन रिसर्च का यही दावा है।

 

अमेरिका के ‘वर्जीनिया टेक क्रि लियन रिसर्च इंस्टीट्यूट’ का कहना है कि मीटिंग में शामिल होने वालों लोगों के बुद्धि स्तर (आईक्यू) की जांच की गई तो वह अन्य लोगों के मुकाबले काफी कम रही।

 

रिसर्च में कहा गया है कि बैठकों में शामिल होने के बाद महिलाओं में सोचने-समझने की क्षमता पुरुषों के मुकाबले ज्यादा प्रभावित होती है।
अध्ययन का नेतृत्व करने वाले रीड मोंटाग ने कहा, ‘‘आप इसको लेकर मजाक बना सकते हैं कि बैठकों में शामिल होने से कैसे दिमाग पर बुरा असर होता है, लेकिन अध्ययन के नतीजे ये बता रहे हैं कि बैठकें आपकी अक्ल को प्रभावित कर सकती हैं।’’

 

अध्ययन में दो विद्यालयों के छात्रों को शामिल किया गया, जिनका आईक्यू लेवल एक दूसरे के मुकाबले औसतन 126 था। बैठकों में शामिल होने के बाद जब इनके कामकाज को लेकर अध्ययन किया गया तो पता चला कि इनकी क्षमता बैठकों में शामिल नहीं होने वाले अपने सहकर्मियों के मुकाबले कहीं कम हो गई है।

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