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जानलेवा हो रही है जीवन शैली

एक्सरसाइज और फिटनेस By अन्‍य , दैनिक जागरण / Sep 24, 2010
जानलेवा हो रही है जीवन शैली

अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने माना है कि आधुनिक जीवनशैली के चलते दुनियाभर में अगले दशक तक लगभग 38 करोड़ 80 लाख मौतें हो सकती हैं। यह बीमारियां संक्रामक और गैर संक्रामक दोनों ही हो सकती हैं, तो अभी से संभल जायें और अपनी जीप

जीवन शैलीपेरिस, एएफपी: अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक जीवनशैली के चलते दुनियाभर में अगले दशक तक लगभग 38 करोड़ 80 लाख मौतें हो सकती हैं।


विशेषज्ञों ने एक अध्ययन में पाया है कि अगले दशक तक गैर संक्रामक बीमारियों से होने वाली 38 करोड़ 80 लाख मौतों में से 80 प्रतिशत गरीब देशों में होंगी। अध्ययन में कहा गया है कि गैर संक्रामक बीमारियां अब महामारी बन चुकी हैं।

 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ों के अनुसार 44 प्रतिशत समय पूर्व मौतें हृदय रोग,  मधुमेह (डायबिटीज) और फेफड़ों से संबंधित बीमारी तथा कैंसर से होती हैं। यह आंकड़ा संक्रामक रोगों से होने वाली मौतों से दोगुना है।

 

वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि जीवनशैली को संतुलित करने और प्रचलित दवा उपचार से समय पूर्व होने वाली तीन करोड़ 60 लाख मौतों को रोका जा सकता है। अध्ययन में कहा गया है कि समय पूर्व मौतों के लिए सबसे अधिक धूम्रपान,  आधुनिक जीवनशैली और मोटापे की समस्या जिम्मेदार है।

 

वैज्ञानिकों ने पाया कि बढ़ती उम्र भी कुछ हद तक बीमारियों के लिए जिम्मेदार है लेकिन स्वीकृत मापदंडों को अपनाकर 70 साल से कम उम्र के एक करोड़ 70 लाख  लोगों की समय पूर्व मौत रोकी जा सकती है। वैज्ञानिकों ने इस बात पर जोर दिया है कि यदि जीवनशैली को संतुलित रखा जाए तो अकाल मौतों पर काफी हद तक काबू पाया जा सकता है।

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