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    जानलेवा डंक मलेरिया का

    मलेरिया By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 05, 2011
    जानलेवा डंक मलेरिया का

    बरसात के मौसम में मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारियां पनपती है। मलेरिया बुखार में जान का जोखिम बहुत रहता है। मलेरिया का जानलेवा डंक बच्चोंर से लेकर बूढ़ों तक को नहीं बक्शंता। आइए जानें जानलेवा मलेरिया के बारे में।

    cartoon mosquitoबरसात का मौसम सभी को लुभावना लगता है और हर कोई इस मौसम का लुफ्त उठाना चाहता है लेकिन कई बार लापरवाही इस मौसम के मजे को खराब कर सकती है। दरअसल, हर चीज के दो पहलू होते है ठीक वैसे ही बरसात जहां एक और खुशनुमा, रोमानी वातावरण लेकर आती है ठीक इसके विपरीत इस मौसम में कई बीमारियां भी जन्मर लेती है। बरसात के मौसम में ही डेंगू और मलेरिया जैसी भयंकर बीमारियां पनपती हैं जिनका प्रभाव काफी हानिकारक होता है। ये बीमारियां नुकसान पहुंचाने के साथ ही जानलेवा भी होती है। मलेरिया में जान का जोखिम बहुत रहता है। मलेरिया का जानलेवा डंक बच्चों से लेकर बूढ़ों तक को नहीं बक्श ता। ऐसे में मौसम का मजा लेने के साथ-साथ सतर्कता बरतना भी आवश्यंक है। आइए जानें जानलेवा मलेरिया के बारे में।


    -    सामान्यतः मलेरिया से ग्रसित होने वाले सभी लोगों को इससे खतरा होता है। खासतौर पर जब एनोफिलिस मच्छर प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम जीवाणु शरीर में फैलाता हैं। ये परजीवी न सिर्फ जानलेवा मलेरिया फैलाते है बल्कि कई घातक बीमारियों को भी जन्मर देते हैं।
    -    मलेरिया परजीवी हर व्यभक्ति पर अलग-अलग रूप में प्रभाव डालते है। इन प्रभावों का असर मलेरिया से ग्रसित होने वाले रोगी की कैटेगिरी पर निर्भर करता है।
    -    मलेरिया में सबसे अधिक खतरा जिन लोगों को होता है उनमें शामिल है गर्भवती महिलाएं। गर्भवती युवतियों में मलेरिया होने से उनके बच्चों का वजन आवश्यरकता से कम होता है साथ ही वे कई बीमारियों या फिर संक्रमण का भी शिकार हो सकते हैं। एनीमिया से ग्रस्तो हो सकते है। इतना ही नहीं ऐसे बच्चोंह की एक वर्ष तक मृत्यु  के चांस भी बने रहते है।
    -    गर्भावस्था् में मलेरिया का सही उपचार न कराने पर बच्‍चे का सही तरह से जन्मह नहीं हो पाता या फिर डिलीवरी के समय या उसके आसपास मां की मृत्युउ भी हो सकती है।
    -    मलेरिया बुखार से गर्भपात हो सकता है या फिर  समयपूर्व प्रसव या बच्चेऐ की मृत्युा भी हो सकती है।
    -    पांच साल तक के बच्चोंर, 65 साल या उससे अधिक उम्र के वृद्व, एड्स ग्रसित मरीज, लंबे समय से बीमार व्यीक्ति और स्तंनपान कराने वाली महिलाएं, कीमोथै‍रेपी लेने वाले लोगों के लिए मलेरिया जानलेवा और घातक हो सकता है।
    -    यह मलेरिया इतना खतरनाक है कि इससे शरीर का कोई भी अंग लकवाग्रस्त तक हो सकता है। इतना ही नहीं समय से इलाज न मिलने पर मरीज को अपनी जान से हाथ भी धोना पड़ सकता है। हालांकि मलेरिया से ग्रसित होने पर भी ऐसे लोगों को बहुत ज्या दा फर्क नहीं पड़ता जिनकी प्रतिरक्षा क्षमता अधिक होती है।

    Disclaimer

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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