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चाय की चुस्की से छूमंतर होगी बीमारी

स्वस्थ आहार By अन्‍य , दैनिक जागरण / Aug 18, 2010
चाय की चुस्की से छूमंतर होगी बीमारी

इलाहाबाद [अमित पांडे]। डेंगू हो, इंसेफेलाइटिस हो या फिर इन सबसे खतरनाक स्वाइन फ्लू। इनके लिए बस चाय की एक चुस्की काफी है। यह खास किस्म की चाय है जिसकी तासीर से ये सभी बीमारियां छूमंतर हो जाएंगी।

 

चाय की चुस्कीइलाहाबाद [अमित पांडे]। डेंगू हो, इंसेफेलाइटिस हो या फिर इन सबसे खतरनाक स्वाइन फ्लू। इनके लिए बस चाय की एक चुस्की काफी है। यह खास किस्म की चाय है जिसकी तासीर से ये सभी बीमारियां छूमंतर हो जाएंगी।

राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय हंडिया [इलाहाबाद] के आयुर्वेदाचार्योद्वारा विकसित इस चाय रूपी महाऔषधि को कार्ययोजना में शामिल कर प्रदेश सरकार के पास भेज दिया गया है। यह महाऔषधि न केवल इन बीमारियों में तुरंत राहत देगी, बल्कि शरीर में मच्छरजनित सभी संक्रमणों का नाश करेगी। इस चाय को आयुर्वेद की आठ जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनाया गया है। वैसे आयुर्वेद की भाषा में इसे काढ़ा कहा जाएगा, लेकिन शोधकर्ताओंने इसे चाय के रूप में पेश किया है।

दो साल चले शोध के बाद इससे जुड़े आयुर्वेदाचार्यो का दावा है कि यह स्वाइन फ्लू, डेंगू और जापानी इंसेफेलाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों में संजीवनी का काम करेगी। इसकी ईजाद से जुड़े राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय हंडिया के काय चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डा. जीएस तोमर बताते हैं कि इस चाय में गिलोय, नीम के पत्ते, तुलसी, काली मिर्च, भुई आंवला, चिरायता, पित्त पापड़ा और मुलेठी का मिश्रण है। मच्छरों से शरीर में फैलने वाले सभी प्रकार के वायरस पर ये सारे तत्व प्रतिरोधात्मक असर डालते हैं। हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों पर किये गए इसके परीक्षण में 76 प्रतिशत सफल परिणाम मिले हैं।

डा. तोमर के मुताबिक गिलोय, चिरायता, नीम के पत्ते और पित्त पापड़ा बुखार उतारते हैं, तो मुलेठी, भुई आंवला और काली मिर्च जुकाम व कफनाशक गुण रखते हैं, जबकि गिलोय, तुलसी और भुई आंवला एंटी वायरल प्रभाव रखते हैं। डा. तोमर ने बताया कि ऐलोपैथी में एंटी बैक्टीरियल दवाएं तो काफी हैं, लेकिन एंटी वायरस दवाएं कम हैं। ऐसे में आयुर्वेद में एंटी वायरल प्रभाव रखने वाली औषधिया मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों में काफी कारगर साबित होंगी।

चाय को हेल्थ ड्रिंक के तौर पर पेश करेगा टीबोर्ड

कोलकाता। टी बोर्ड चाय की गुणवत्ता तो सुधारेगा ही, उसे स्वास्थ्यव‌र्द्धक पेय के रूप में भी पेश करेगा। इसे लेकर वह एक दिवसीय कार्यशाला भी आयोजित करेगा। बोर्ड के नेशनल टी रिसर्च फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस वर्कशाप में चाय की स्वास्थ्य से जुड़ी खूबियों को पेश किया जाएगा। इसके साथ ही चाय को विभिन्न माध्यमों से गुणवत्तायुक्त बनाने की जानकारियां दी जाएंगी। कार्यशाला में चाय अनुसंधान के कई विशेषज्ञ मौजूद रहेंगे।

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