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चेहरे पर होने वाले चकत्ते के कारणों व लक्षणों को विस्तार से जानें

त्‍वचा की देखभाल By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Oct 17, 2012
चेहरे पर होने वाले चकत्ते के कारणों व लक्षणों को विस्तार से जानें

रैशेज शरीर के किसी खास हिस्से में भी हो सकते हैं और ये पूरे शरीर पर भी फैले हुए हो सकते हैं। जानें रैशेज के कारणों के बारे में विस्तार से।

Quick Bites
  • चेहरे पर होने वाले दानें व फुंसियां यूं ही नहीं होती हैं, इसके पीछे कई कारण होते हैं
  • चेहरे की साफ सफाई में लापरवाही या चेहरे के हिसाब से उत्पादों को प्रयोग ना करना।
  • रैशेज का इलाज बिना डॉक्टर की सलाह के नहीं करना चाहिए, ये आपकी त्वचा के लिए ठीक नहीं है।

 

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त्वचा के रंग, बनावट या दिखावट में बदलाव को त्वचा रैश के रूप में जाना जाता है। यह त्वचा इरप्शन के रूप में भी हो सकती है जिसमें त्वचा गुमड़ेदार, सूजनयुक्त और दाना-फसी युक्त बन गयी हो और जो दर्द तथा खारिश पैदा करती है।

रैशेज शरीर के किसी खास हिस्से में भी हो सकते हैं और ये पूरे शरीर पर भी फैले हुए हो सकते हैं। रैश अनेक कारणों के चलते हो सकते हैं और जब तक कोई डर्मेटोलॉजिस्ट इनका परीक्षण न करे तब तक इनको हमेशा ही किसी गंभीर त्वचा बीमारी के रूप में नहीं समझा जाना चाहिये क्योंकि रैशेज कई अन्य बीमारियों के विभिन्न लक्षणों वाले हो सकते हैं।

लक्षण -

  • किसी एक हिस्से पर या पूरे शरीर की त्वचा टोन या कलर में बदलाव
  • खारिश होना
  • सूजन होना
  • दर्द होना
  • प्रभावित हिस्से में गर्म महसूस होना
  • फुंसियां (दाने)
  • ड्राइ या कटी-फटी त्वचा
  • इरप्शन्स या गुमड़ेदार त्वचा

रैशेज अनेक प्रकार के होते हैं और किसी अन्य बीमारी या त्वचा की समस्या को जानने के लिये इनका निदान ज़रूरी होता है।

कारण -

रैशेज अनेक गंभीर बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं और यदि ऐसी दशा बनी रहती है तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिये। रैशेज के प्रमुख कारण निम्न हैं:

  • एलर्जी होना
  • चिन्ताएं (मानसिक परेशानियां) या तनाव
  • त्वचा का कपड़ो या अन्य बैगेज एसेसरीज जैसे गियर्स से रगड़ना
  • बैक्टीरियल या वायरल इंफेक्शन
  • फंगल इंफेक्शन
  • सन या हीट के सामने अत्यधिक एक्सपोजर
  • एक्जिमा, एक्ने जैसी त्वचा जनित बीमारियां 
  • किसी दवा या टीके के प्रति रिएक्शन होना

उपचार -

रैश के डॉक्टर से सलाह के बाद रैश का कारण जाने लेने के बाद ही करना चाहिये। किसी छुपी हुई समस्या या सीरियस बीमारी के कारण रैशेज के लक्षण भिन्न हो सकते हैं। कोई नार्मल त्वचा रैश, जो किसी इरिटेंट के कारण हुआ हो आमतौर से एक हफ्ते में धूमिल हो जाता है, जबकि किसी सीरियस कंडीशन के कारण बनने वाले रैशेज पूरे शरीर पर फैल सकते हैं।

 

किसी गंभीर मेडिकल कंडीशन को जानने के लिये टेस्ट कराये जा सकते हैं। कॉमन त्वचा रैश को खारिश या दर्द से राहत दिलाने के लिये लक्षणों के अनुसार ट्रीट किया जाता है जबकि अन्य मामलों में जिनमें रैशेज किसी अन्य बीमारी के कारण हुए हों ऐसे में उस बीमारी का ट्रीटमेंट किया जाना ज़रूरी होता है।

 


Read More Article on Skin-Problem in hindi.

Written by
सम्‍पादकीय विभाग
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागOct 17, 2012

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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