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गोद लेने के विकल्प

परवरिश के तरीके By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 05, 2013
गोद लेने के विकल्प

गोद लेने के विकल्प: गोद लेने के विकल्पों के बारे में जाने इस लेख में। गोद लेने के कौन से नियम होते है। गोद लेने के लिए क्‍या करना होगा जाने इस लेख में, गोद लेने से सम्बंधित कानून।

किसी अजनबी के बच्चे को गोद लेना एक अदभूत रिश्ते की शुरुआत कही जा सकती है। यह एक कानूनी प्रक्रिया है जिसमें एक विवाहित दम्पति या एकल अभिभावक को एक बच्चा, उनके बेटे या बेटी के रूप में, हमेशा के लिए सौंप दिया जाता है।

 

god lene k vikalapयाद रखें! जब आप किसी बच्चे को गोद लेते हैं तो आप इस बात को अच्छी तरह और दिल से मानते हैं कि उसे अपने बेटे/बेटी जैसा प्यार देंगे और अब उसकी अच्छी तरह से परवरिश एवं अच्छी शिक्षा की सारी जिम्मेदारी आप की है जिसे आप ख़ुशी-ख़ुशी निभाएंगे। गोद लेने की प्रक्रिया उस वक़्त से शुरू होती है जब बच्चे की जैविक माता या माता-पिता बच्चे का पालन-पोषण कर पाने में खुद को असमर्थ पातें हैं या किसी मजबूरी वश बच्चे को अपने पास  नहीं रख पाते। ऐसा बच्चे के जन्म के पहले भी हो सकता है और बच्चे के जन्म के बाद भी।

 

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गोद कई तरह से  लिया जा सकता है। गोद कैसे लेना देना है यह गोद देने वाले माता-पिता एवं दत्तक  माता-पिता के ऊपर निर्भर करता है।

 

पूरी तरह खुला दत्तक ग्रहण (Open Adoption): जब पूरी तरह खुला दत्तक ग्रहण के तहत बच्चे को  गोद लिया-दिया जाता है तो:

  • जब बच्चा १८ साल का वयस्क युवक बन जाता है तो उसे यह अधिकार होता है कि अपने गोद लेने से सम्बंधित अभिलेखों को देख सके ।
  • बच्चे की जैविक माँ यानि कि सगी माँ को यह अधिकार रहता है कि, बच्चा गोद देने के बाद भी, वह कभी भी अपने बच्चे से मिल सकती है लेकिन यह दोनों पार्टियों की सहमति से हीं होनी चाहिये।
  • इस तरह की गोद लेने की प्रक्रिया में बच्चे की सगी माँ संभावित दत्तक माता-पिता से मिलकर पहले हीं सारी बात कर सकती है ताकि इस निर्णय पर पहुँच सके की बच्चा  किसे देना है।

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अर्द्ध खुला दत्तक ग्रहण (Semi-Open Adoption):  गोद लेने का यह प्रकार पूरी तरह खुले तरीके के जैसा हीं है सिवाए एक बदलाव के। इसमें बच्चा गोद देने के बाद उसकी सगी यानि की जैविक माँ बाद में बच्चे से नहीं मिल सकती। हाँ! बच्चा गोद देने के पहले उसे यह अधिकार है की दत्तक माता-पिता से पहले मीकर फैसला करे की बच्चा किसे दिया जाये। गोद देने की प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद वह बच्चे के फोटो एवं पत्र पा सकती है। दत्तक माता-पिता जैविक माँ को या उस एजेंसी  को ये सब भेजते रह सकते हैं जिस एजेंसी से उन्होंने बच्चा गोद लिया था। इस तरह के गोद लेने के प्रकार को पहले जैसे यानि कि  पूरी तरह खुला दत्तक ग्रहण के रूप में परिवर्तित किया जा सकता है।

 

बंद दत्तक ग्रहण (Closed Adoption) :  गोद लेने के इस प्रकार में गोद देने वाले माता-पिता और गोद लेने वाले दम्पति में कोई संपर्क नहीं रहता; न तो गोद लेने के पहले न हीं गोद लेने के बाद। यह गोद देने वाली संस्था की इच्छा पर निर्भर करता है या उन  देशों  के कानून पर जिन देशों में गोद लेने देने की प्रक्रिया होती है। लेकिन बंद दत्तक ग्रहण में भी जरूरी जानकारी जैसे  मेडिकल रिकॉर्ड जैसी  प्रासंगिक जानकारी देने की अनुमती रहती है।

 

आंतर परिवार दत्तक ग्रहण (Intra-Family Adoption): कभी-कभी कुछ दम्पति अपने हीं परिवार या रिश्तेदार के किसी बच्चे को गोद ले लेते हैं। इस तरह का आंतर परिवार  दत्तक ग्रहण किया जा सकता है यदि;

  • जैविक माता-पिता ने दुबारा शादी कर ली हो या
  • जैविक माता-पिता की मृत्यु  हो चुकी हो या वे उस बच्चे का पालन पोषण करने में किसी कारण असमर्थ हों।

गोद लेने के इस प्रकार का फायदा यह है कि बच्चा किसी ऐसे व्यक्ति के पास चला जाता है जिससे वह भली-भांति परिचित होता है एवं जिसे वह पसंद भी करता है। इस तरह बच्चा खुद को सहज महसूस करता है और इस तरह बच्चा अपने जैसे लोगों के बीच हीं रह जाता है। यह बच्चों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

 

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घरेलू दत्तक ग्रहण (Domestic Adoption): गोद लेने के इस प्रकार में जैविक माता और दत्तक माता पिता  एक ही देश के नागरिक होते हैं। एकल अभिभावक या शादी-शुदा दंपति को बच्चा गोद लेने की अपनी इच्छा को एक आवेदन के साथ सरकारी मान्यता प्राप्त एजेंसी के साथ पंजीकृत करवाना पड़ता है। एक जांच अधिकारी ऐसे आवेदकों की व्यक्तिगत एवं अन्य जरूरी जानकारी जुटाकर यह प्रमाणित करता है कि आवेदक बच्चा गोद लेने के लिए उपयुक्त है या नहीं।

 

अंतर्राष्ट्रीय दत्तक ग्रहण (International Adoption) : गोद लेने के इस प्रकार में दत्तक माता पिता किसी दूसरे देश ...

 

 

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