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गर्भावस्था में मलेरिया

मलेरिया By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / May 13, 2011
गर्भावस्था में मलेरिया

गर्भावस्था में मलेरिया, खासकर पहली बार गर्भधारण के दौरान मलेरिया काफी खतरनाक स्थितियां भी पैदा कर सकता है।

Pregnant Lady

जब भी कोई महिला बीमार पड़ती है तो उसे सिर्फ अपना देखभाल करने की जरूरत होती है लेकिन जब बात हो गर्भवती महिला की तो ऐसे में महिला को अपने और अपने बच्चे दोनों की देखभाल जरूरी हो जाती है। आमतौर पर तो गर्भवती महिलाएं अपनी देखभाल करती ही हैं लेकिन जब वे किसी गंभीर बीमारी की शिकार हो जाती है तो उन्हें अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है। क्योंकि ये सिर्फ मां के स्वास्‍थ्‍य की ही बात नहीं होती बल्कि बच्चे को जीवनभर स्वस्थ रखने की भी बात है।

 

गर्भावस्था में मलेरिया होने पर मां को न सिर्फ अपनी अच्छी देखभाल करनी चाहिए बल्कि मलेरिया बुखार को दूर करने के लिए डॉक्टर की सलाह भी लेनी चाहिए। आइए जाने गर्भावस्था में मलेरिया की चिकित्सा कैसे करें।

  • जहां कहीं भी मलेरिया फैला हुआ है उस क्षेञ की  गर्भवती महिलाओं को मलेरियारोधी उपचार लेकर मलेरिया से अपना बचाव करना चाहिए या फिर मलेरिया रोधी गोलियों का सेवन करना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को मलेरिया के कारण सामान्य महिलाओं से अधिक कठिनाई होती है। गर्भावस्था में मलेरिया खासकर पहली बार गर्भधारण के दौरान मलेरिया काफी खतरनाक स्थितियां भी पैदा कर सकता है।
  • गर्भावस्था में बुखार होने से गंभीर रूप से एनीमिया भी हो सकता है।
  • मलेरिया बुखार से गर्भपात हो सकता है या फिर समयपूर्व प्रसव या बच्चे की मृत्यु  भी हो सकती है। 
  • गर्भवती युवतियों में मलेरिया होने से उनके बच्चों का वजन आवश्यकता से कम होता है साथ ही वे कई बीमारियों या फिर संक्रमण का भी शिकार हो सकते हैं। एनीमिया से ग्रस्तप हो सकते है। इतना ही नहीं ऐसे बच्चों के एक वर्ष तक मृत्यु के चांस भी बने रहते है।
  • यदि गर्भवती महिला में मलेरिया के लक्षण और चिह्न दिखाई दे रहे हो या फिर जांच में मलेरिया बुखार साबित हो चुका हो तो उसे डॉक्टसर की सलाह पर तुरंत उपचार देना चाहिए।
  • मलेरियाग्रस्त गर्भवती महिला को डॉक्टेर्स से आयरन और विटामिन की पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए।
  • गर्भावस्थ में मलेरिया का सही उपचार न कराने पर बच्चे का सही तरह से जन्म नहीं हो पाता या फिर डिलीवरी के समय या उसके आसपास मां की मृत्यु भी हो सकती है। 
  • गर्भावस्था के समय यदि किसी महिला को सामान्य बुखार भी है तो भी मलेरिया की जांच करानी चाहिए। गर्भावस्था में मलेरिया का सही इलाज नहीं होने पर यह जच्चा-बच्चा दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
  • गर्भवती महिला को अपनी न सिर्फ समय पर दवाईयां इत्यादि लेना चाहिए बल्कि खाना भी हेल्दी और सही समय पर लेना चाहिए।
  • घर में व अपने आसपास साफ-सफाई का खासा ध्यान रखना चाहिए।
  • गर्भवती महिलाओं को मच्छरों के काटने से बचने के लिए नियमित रूप से साफ की जानेवाली मच्छरदानी के नीचे ही सोना चाहिए।

 

Written by
अनुराधा गोयल
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागMay 13, 2011

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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