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खानपान के विज्ञापनों से सावधान

स्वस्थ आहार By अन्‍य , दैनिक जागरण / Oct 05, 2010
खानपान के विज्ञापनों से सावधान

टीवी में खानपान के विज्ञापनों को देखकर उनका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। एक नये शोध में दावा किया गया है यह विज्ञापन असंतुलित आहार को बढ़ावा देते हैं।

एक नए शोध के मुताबिक असंतुलित आहार को बढ़ावा देते हैं

टीवी में खानपान के विज्ञापनों को देखकर उनका सेवन करना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। एक नये शोध में दावा किया गया है यह विज्ञापन असंतुलित आहार को बढ़ावा देते हैं।


शोधकर्ताओं ने पाया कि विज्ञापन में दिखाए जाने वाले खाद्य पदार्थो मेंअगर दो हजार कैलोरी हो, तो इसमें निश्चित तौर पर शुगर की मात्रा सामान्य से 25 गुना और वसा की 20 गुना ज्यादा होगी। जबकि फल, सब्जी और दूध जैसे पोषक पदार्थो की मात्रा सामान्य से आधी ही होगी। इनमें शुगर और वसा की मात्रा इतनी ज्यादा होती है कि इन्हें एक बार खाने पर शुगर का तीन दिन का कोटा पूरा हो जाता है और वसा की ढाई दिन की जरूरत पूरी हो जाती है।


आर्मस्ट्रांग अटलांटिक स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रमुख शोधकर्ता प्रोफेसर माइकल मिंक ने कहा, 'इन विज्ञापनों में दिखने वाली चीजों में शरीर में बीमारी बढ़ाने वाले भोज्य पदार्थो (वसा, कोलेस्ट्राल और सोडियम) की मात्रा ज्यादा होती है। वहीं बीमारी से लड़ने वाले भोज्य पदार्थ (रेशा, विटामिन ए, ई और डी, कैल्शियम और पोटैशियम) न के बराबर होते हैं।' शोध के परिणाम 'जर्नल आफ द अमेरिकन डायटेटिक एसोसिएशन' में प्रकाशित किए गए हैं।

 

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