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खतरनाक है एस्प्रीन के संग ब्रूफेन लेना

परवरिश के तरीके By अन्‍य , दैनिक जागरण / Aug 26, 2010
खतरनाक है एस्प्रीन के संग ब्रूफेन लेना

बढ़ा देता है दिल के दौरे की संभावना
अगर आप दिल के मरीज हैं और अक्सर एस्प्रीन के साथ ब्रूफेन लेते हैं तो महाशय, आप बड़ी आफत को बुलावा दे रहे हैं। एक शोध के मुताबिक इन दोनों दवाओं को साथ में लेने से दिल का दौरा पड़ने की संभावना नौ गुना बढ़ जात

खतरनाक है एस्प्रीन के संग ब्रूफेन लेनाबढ़ा देता है दिल के दौरे की संभावना
अगर आप दिल के मरीज हैं और अक्सर एस्प्रीन के साथ ब्रूफेन लेते हैं तो महाशय, आप बड़ी आफत को बुलावा दे रहे हैं। एक शोध के मुताबिक इन दोनों दवाओं को साथ में लेने से दिल का दौरा पड़ने की संभावना नौ गुना बढ़ जाती है।
इस शोध के अनुसार एस्प्रीन के साथ ब्रूफेन का सेवन दिल के दौरे का खतरा काफी बढ़ा देता है। साथ ही, यह गठिया और दिल की बीमारी दोनों से जूझ रहे रोगियों के खून में थक्का जमने की प्रवृत्ति को भी बढ़ाता है। इस शोध के नतीजे डाक्टरों के प्रसिद्ध जर्नल, एनल्स आफ रुयूमेटिक डीजिजेज के ताजा अंक में छपे हैं। इसमें कहा गया है कि डाक्टरों को दिल की बीमारी के साथ-साथ हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रोल का इलाज करते वक्त भी मरीजों को ब्रूफेन काफी सोच समझ कर देना चाहिए। वैसे जब से यह पता चला है कि पेनकिलर्स (दर्दनाशक दवाओं) का दिल पर बुरा असर पड़ता है, डाक्टर खुद इन दवाओं को देने से परहेज करते हैं। दिल्ली के अपोलो अस्पताल के वरिष्ठ डाक्टर डा. तरुण साहनी ने कहा कि ब्रूफेन और ऐसी दूसरी दवाएं ब्लडप्रेशर बढ़ती हैं। इससे दिल का दौरा पड़ने का खतरा हो जाता है। हम तो इसे मरीजों को देते ही नहीं।
शोध के लिए वैज्ञानिकों ने गठिया के करीब 18 हजार बूढ़े मरीजों के स्वास्थ्य पर एक साल तक नजर रखी। ये लोग नियमित तौर पर ब्रूफेन का सेवन करते थे। इनमें कुछ एस्प्रीन भी लेते थे। जब नतीजे सामने आए तो शोधकर्ता चौंक पड़े। उन्होंने पाया कि ब्रूफेन एस्प्रीन की खून को पतला करने की क्षमता को प्रभावित करता है। ब्रूफेन और एस्प्रीन साथ लेने वाले व्यक्ति में दिल का दौरा पड़ने की संभावना नौ गुना तक बढ़ जाती थी। डा. साहनी ने कहा कि ब्रूफेन और एस्प्रीन एक दूसरे के असर को काट देते हैं। यह स्थिति दिल के मरीजों के लिए काफी खतरनाक हो जाती है।
इससे पहले भी कई शोध यह साबित कर चुके हैं कि पेनकिलर्स दिल की सेहत के लिए काफी खतरनाक होते हैं। पिछले साल मार्च में मेडिकल जगत की सबसे सम्मानित पत्रिकाओं में एक, जर्नल आफ रायल सोसाइटी आफ मेडिसिन ने भी दावा किया था कि ये दवाएं दिल के दौरे का खतरा दोगुना बढ़ा देती हैं।

Written by
अन्‍य
Source: दैनिक जागरणAug 26, 2010

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