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    क्षय रोग से संबंधी तथ्य

    ट्यूबरकुलोसिस By अनुराधा गोयल , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 19, 2012
    क्षय रोग से संबंधी तथ्य

    आइए जानें क्षय रोग से संबंधी तथ्‍यों के बारे में।

    Chhay rog se sambandhi tathya

    तपेदिक भारत जैसे देश में महामारी के रूप में फैल रहा हैं। क्षय रोग गंभीर अवस्‍था तक पहुंच जाएं तो इससे व्‍यक्ति की मौत भी हो सकती है। तपेदिक या टीबी एक संक्रामक रोग है जो कि माइक्रोबैक्टीरिया टीबी के कारण होता है। तपेदिक आमतौर पर फेफड़ों को प्रभावित करता है,लेकिन ये रीढ़ की हड्डी,किडनी और यहां तक की मस्तिष्‍क में भी विकार उत्‍पन्‍न कर देता है। इतना ही नहीं भारत में हर साल टी.बी.से मरने वालों की संख्‍या 2लाख से भी ज्‍यादा होती है। ऐसे में आपके लिए यह जानना जरूरी है कि क्षय रोग क्‍या है। तपेदिक के कारण क्‍या है। भारत में टी.बी.की स्थिति क्‍या हैं। इतना ही नहीं आपको टी.बी के प्रति जागरूक होने की भी जरूरत हैं और क्षय रोग से संबंधी तथ्‍यों के बारे में भी जानने की जरूरत हैं। तो आइए जानें क्षय रोग से संबंधी तथ्‍यों के बारे में।

     
    क्षय रोग से संबंधी तथ्य

    • विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के द्वारा हर साल 24 मार्च 2012 को लोगों को जागरूक करने के लिए ट्यूबरकुलोसिस (टी.बी.) दिवस मनाया जाता हैं।


    • क्या आप जानते हैं क्षय रोग माइक्रोबैक्टिरियम टी.बी नामक जीवाणु से फैलता है और यह जीवाणु हर क्षेत्र और देश में लोगों को अलग-अलग रूप में संक्रमित करता है और यह कई तरह का होता है।


    • क्षयरोग संक्रामक रोग है जो कि संक्रमित व्यक्ति से बात करने, छींकने और उसके कफ से होता है।

    • क्या आप जानते हैं तपेदिक के जीवाणु पूरी दुनिया में अलग-अलग रूप में पाए जाते हैं।


    • आपको यदि तीन सप्‍ताह से अधिक दिनों तक खांसी होती हैं तो आपको तुरंत बलगम की जांच करवानी चाहिए क्‍योंकि आपकी यह स्थिति टी.बी हो सकती हैं।


    • भारत, चीन और अफ्रीका जैसी जगहों में क्षय रोग से ग्रसित मरीजों की संख्‍या सबसे अधिक है।


    • टी.बी उन लोगों को सबसे जल्‍दी अपनी चपेट में लेता हैं जो कमजोर हैं या जिनका इम्‍युन सिस्‍टम कमजोर होता है।


    • यदि खांसी के दौरान बलगम के साथ खून का आता है तो आपको टी.बी हो सकती है।


    • टी.बी किसी भी उम्र के व्‍यक्ति को अपनी चपेट में ले सकता हैं।

    • टी.बी कोई आनुवांशिक बीमारी नहीं है बल्कि यह एक व्‍यक्ति से दूसरे व्‍यक्ति में फैलती हैं।


    • टी.बी. ऐसी बीमारी हैं जिसे समय रहते नियंत्रि‍त किया जा सकता है लेकिन यदि इलाज बार-बार बीच में छोड़ा जाता है तो यह स्थिति खतरनाक हो सकती है और आपको मौत का जोखिम भी बढ़ सकता हैं।


    • मादक पदार्थों के सेवन और खासकर एल्‍कोहल इत्‍यादि लेने वाले व्‍यक्तियों को टी.बी.बहुत जल्‍दी अपनी चपेट में ले लेता हैं।


    • जिन लोगों को एड्स है या फिर जो लोग डायबिटीज खासतौर पर टाइप 2 डायबिटीज से पीडि़त हैं उन्‍हें सामान्‍य लोगों की तुलना में क्षय रोग होने का खतरा अधिक रहता हैं।


    • टी.बी बच्‍चों में भी होता  है लेकिन बच्‍चों को समय रहते टी.बी वैक्‍सीन लगवाया जाए तो बच्‍चों को टी.बी.से बचाया जा सकता हैं।


    • क्‍या आप जानते हैं बच्‍चों को बीसीजी का इंजेक्‍शन पैदा होने के कुछ समय बाद लगा देना चाहिए। इतना ही नहीं बच्‍चों को दस साल में कम से कम एक बार बीसीजी वैक्‍सीन लगवाना चाहिए। इससे बच्‍चों को आसानी से टी.बी इंफेक्‍शन से बचाया जा सकता हैं।

     
    Disclaimer:

    इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।