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क्षय रोग की चिकित्‍सा

ट्यूबरकुलोसिस By Anubha Tripathi , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Mar 19, 2012
क्षय रोग की चिकित्‍सा

अगर आपके शरीर में टी.बी के जीवाणु हैं तो इलाज के जरिए ही उन्हें खत्म किया जा सकता है।

Chhay rog ki chikitsa

क्षय रोग माइक्रोबैक्टेरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु से होता है। सामान्यत: यह जीवाणु फेफड़ों पर अटैक करता है। अगर इसका सही समय पर इलाज शुरु नहीं किया जाए तो बीमारी भयावह रुप ले सकती है। अगर आपके शरीर में टी.बी के जीवाणु हैं तो इलाज के जरिए ही उन्हें खत्म किया जा सकता है। टी.बी की दवाओं का कोर्स 6-9 महिने तक का होता है। यह कोर्स पूरा नहीं करने पर या बीच में छोड़ने पर टी.बी के बैक्टेरिया फिर से वापस आ सकते हैं।

 

टी.बी स्किन टेस्ट

इस टेस्ट के दौरान आपके कलाई में इंजेक्शन के जरिए पीपीडी ट्यूबरकुलीन की थोड़ी सी मात्रा डाली जाती है। 48-72 घंटे बाद उस जगह को देखा जाता है अगर इंजेक्शन लगाने वाली जगह लाल व फुली हुई है तो इसका मतलब आपको टी.बी है।

एक्स रे

अगर आपका स्किन टेस्ट पॉजटिव है तो आपका डाक्टर एक्स रे कराने को कह सकता है। एक्स रे के जरिए आपके फेफड़ो में सफेद चकत्‍ते  के रुप में टी.बी के बैक्‍टीरिया को साफ देखा जा सकता है। 

थूक की जांच

टी.बी का ईलाज शुरु करने से पहले डॉक्टर थूक की जांच के लिए जरूर कहता है। इसमें कफ के साथ आने वाले बलगम की जांच कराई जाती है, जिसके बाद क्षय रोग का इलाज शुरु किया जाता है।

 

क्षय रोग की दवाएं

आमतौर पर क्षय रोग में आइसोनियाजिड (isoniazid), रिफाइमपिन (rifampin) और रिफापेनटाइन (rifapentine)  दवाएं दी जाती हैं , लेकिन क्षय रोग की दवाएं लेने से पहले चिकित्‍सक से संपर्क ज़रूर करें

क्षय रोग तभी होता है जब आपके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इन दवाओं से शरीर में पैदा टी.बी के जीवाणुओं को खत्म किया जाता है। इन दवाओं का कोर्स छह से नौ महिने का होता है। बीच में इन दवाओं को छोड़ने से टी.बी के वापस होने का खतरा होता है।

साइड इफेक्ट

शुरुआत में हो सकता है आपको इन दवाओं के कुछ साइड इफेक्ट देखने को मिलें । टी.बी की सारी दवाएं लीवर के लिए अधिक विषैली हो सकती है, इसलिए कोई भी साइड इफेक्ट होने पर तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। क्या हैं वे साइड इफेक्ट-

  • उल्‍टी आना।
  • भूख नहीं लगना।
  • शरीर का पीला पड़ना।
  • तीन चार दिन तक बुखार रहना।
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वैक्सीनेशन

 जिन देशों में क्षय रोग होना काफी सामान्य है वहां पर नवजात शिशुओं को बी.सी.जी के टीके लगाए जाते हैं जिनसे उनमें टी.बी होने का खतरा नहीं होता है।

 

दवा का कोर्स पूरा करें

दवाएं लेने के कुछ एक हफ्ते बाद हो सकता है कि आप पहले से बेहतर महसूस करने लगे और अपनी दवाएं बंद कर दें। तो यह खतरनाक है आपके लिए। बिना दवाओं का कोर्स पूरा किए और डॉक्टर से पूछे बिना दवाएं बंद नहीं करनी चाहिए।

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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