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कोलोरेक्टल कैंसर में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें

कैंसर
By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 17, 2013
कोलोरेक्टल कैंसर में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें

कोलोरेक्टल कैंसर में डाक्‍टर को कब सम्पर्क करें : अगर आपको कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण दिखते हैं जैसे डायरिया, कब्ज, सामान्य से पतले मल, मल में रक्तस्राव, वजन कम होना, लगातार उल्टी होना आदि। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत अपने डाक्&

अगर आपको कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण दिखते हैं जैसे डायरिया, कब्ज, सामान्य से पतले मल, मल में रक्तस्राव, वजन कम होना, लगातार उल्टी होना आदि। ऐसे लक्षण दिखते ही तुरंत अपने डाक्‍टर से सम्पर्क करें।

colorectal cancer me docter ko kab sampark kareकोलोरेक्टल कैंसर पुरुषों में तीसरा सबसे बड़ा कैंसर और महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। पुरुषों में इसकी दर महिलाओं के मुकाबले कहीं अधिक है।

कोलन और मलाशय पाचन तंत्र के अंग हैं। अमाशय एवं छोटी आंत भोजन से ऊर्जा का निर्माण करते हैं, जबकि कोलन और मलाशय तरल को अवशोषित कर ठोस व्यर्थ पदार्थों, मल का निर्माण करते हैं और यह मल शरीर से बाहर निकाल देते हैं। ज्यादातर कोलोरेक्टल कैन्सर कई सालों में धीरे-धीरे विकसित होते हैं।

पिछले कुछ बरसों में पश्चिमी लाइफस्टाइल को अपनाने के कारण भारत में भी इस कैंसर के मामले बढ़ते जा रहे हैं। नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल के कीमोथेरेपिस्ट डॉ. श्याम अग्रवाल के मुताबिक, ‘विकसित देशों में कोलोरेक्टल कैंसर के मामलों की दर काफी ज्यादा है, इसकी वजह उनके खानपान की शैली है। रेड मीट, कम फाइबर का आहार और फास्ट फूड के ज्यादा इस्तेमाल से इस कैंसर के मामले ज्यादा दिख रहे हैं।

कोलोरेक्टल कैंसर के शुरूआत में अस्‍पष्‍ट लक्षण देखने को मिलते है, परन्‍तु ट्यूमर के बढ़ने पर इसके लक्षण स्‍पष्‍ट होने लगते हैं। आइए हम आपको बताते है कि इसके लक्षण जिनके दिखाई देने पर आपको तुरन्‍त डाक्‍टर को संपर्क करना चाहिए।

ऐसे लक्षण होने पर तुरन्‍त डॉक्‍टर से संपर्क करें

  • खाने पीने की आदतों में बदलाव जैसे कभी कम खाना, कभी ज़्यादा खाना और ऐसा महसूस करना कि पेट खाली नहीं है।
  • दस्त या कब्ज़
  • स्टूल के रंग में परिवर्तन (लाल या काले रंग का होना)
  • स्टूल में रक्त का आना (अधिक लाल या काले रंग का रक्त आना)
  • संकुचित स्टूल
  • पेट में ऐंठन होना और पेट का भरा महसूस होना
  • डायटिंग के बिना ही वज़न का कम होना
  • थकान होना
  • लगातार उल्टी


इसप्रकार के लक्षण दिखते ही तुरन्‍त अपने डाक्‍टर से संपर्क करें क्‍योंकि अगर समय रहते इसका पता चल जाए तो कोलोरेक्‍टल कैंसर से बचा जा सकता है।

 


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Written by
Pooja Sinha
Source: ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभागApr 17, 2013

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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