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कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण

कैंसर By Pooja Sinha , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Apr 17, 2013
कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण

कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण : कोलोरेक्टल कैंसर के शुरूआत में अस्‍पष्‍ट लक्षण देखने को मिलते है जिनमें रक्तस्राव, वजन घटना, और थकान शामिल है। परन्‍तु बाद की स्‍टेज में इसमें डायरिया, कब्ज, सामान्य से पतले मल, मल में

कोलोरेक्टल कैंसर के शुरूआत में अस्‍पष्‍ट लक्षण देखने को मिलते है जिनमें रक्तस्राव, वजन घटना, और थकान शामिल है। परन्‍तु बाद की स्‍टेज में इसमें डायरिया, कब्ज, सामान्य से पतले मल, मल में रक्तस्राव, लगातार उल्टी होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

colorectal cancer ke lakshanकोलन और मलाशय पाचन तंत्र के अंग होते हैं। अमाशय एवं छोटी आंत भोजन से ऊर्जा का निर्माण करते हैं, जबकि कोलन और मलाशय तरल को अवशोषित कर ठोस व्यर्थ पदार्थों, मल का निर्माण करते हैं और यह मल शरीर से बाहर निकाल देते हैं।

ज्यादातर कोलेटरल कैन्सर कई सालों में धीरे-धीरे विकसित होते हैं। कैन्सर विकसित होने से पहले ऊतक या ट्यूमर का विकास कैंसर रहित पॉलिप के रूप में कोलोन या मलाशय के आन्तरिक भाग में होता है। पुरुषों में इसकी दर महिलाओं के मुकाबले कहीं अधिक है। आइए इसके लक्षणों के बारे में जाने।


कोलोरेक्टल कैंसर के लक्षण

1. खाने की आदतों में बदलाव- यह लक्षण कोलोरेक्‍टल कैंसर के लक्षणों में सबसे सामान्‍य हैं, इसमें किसी भी व्‍यक्ति के खाने पीने की आदतों में बदलाव आने लगता है और कभी वह कम खाता है तो कभी ज़्यादा, परन्‍तु उसको हर समय ऐसा महसूस होता है कि पेट खाली नहीं है।
    

2. दस्त या कब्ज़- अगर किसी व्‍यक्ति को कोलोरेक्‍टल कैंसर हो जाता है तो उसे लगातार दस्‍त या कव्‍ज की शिकायत बनी रहती है।

 

3. स्टूल के रंग में परिवर्तन-  कोलोरेक्‍टल कैंसर होने पर स्‍टूल के रंग में परिवर्तन देखने को मिलता है कभी स्‍टूल का रंग लाल तो कभी काला होता हैं।

 

4. स्टूल में रक्त का आना - कैंसर होने पर स्‍टूल में ब्‍लड आने लगता है परन्‍तु ब्‍लड का रंग भी लाल न होकर बहुत ज्‍यादा लाल या फिर काला होता हैं।
 
    
5. पेट में ऐंठन और पेट का भरा महसूस होना - लगातार पेट में ऐंठन और पेट का भरा महसूस होना, इसके लक्षणों में एक लक्षण ये भी शामिल है।

 

6. डायटिंग के बिना ही वज़न का कम होना - कोलोरेक्‍टल कैंसर होने पर किसी का भी वजन बिना डायटिंग किए कम होने लगता है।

 

7. थकान होना - कोलोरेक्‍टल कैंसर में व्‍यक्ति बिना किसी कार्य के हर समय थका-थका सा महसूस करता है।


कोलोरेक्टल कैंसर का उपचार हो सकता है, लेकिन जैसे ही किसी व्यक्ति को बीमारी के लक्षण दिखाई दे तो तुरन्‍त अपने डाक्‍टर से संपर्क करें।



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