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की-बोर्ड भी बना सकता है बीमार

आफिस स्‍वास्‍थ्‍य By अन्‍य , दैनिक जागरण / May 09, 2011
की-बोर्ड भी बना सकता है बीमार

की बोर्ड का इस्‍तेमाल हम सब करते हैं, लेकिन क्‍या आप जानते हैं यही की-बोर्ड आपको बीमार भी बना सकता है। जानिये कैसे...

आजकल लोगों की जीवन में कंप्यूटर व मोबाइल की खास जगह है, बिना इनके लोगों को लगता है कि वे अधूरे हैं। लेकिन वे नहीं जानते कि मोबाइल व कंप्यूटर के की बोर्ड अत्यधिक इस्तेमाल उन्हें बीमार कर सकता है।  

की बोर्ड भी बना सकता है बीमार

 

 

मोबाइल या कंप्यूटर के की-बोर्ड का अत्यधिक इस्तेमाल गंभीर स्नायु बीमारी कार्पल टनल सिंड्रोम (सीटीएस) का सबब बन रही है। यह बीमारी गर्दन, कमर, अंगुलियों और कलाइयों जैसी शरीर के  विभिन्न जोड़ों पर बार-बार खिंचाव आने या चोट लगने से होती है।

 

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मोबाइल और कंप्यूटर आज लोगों, खास कर युवाओं की जिंदगी का हिस्सा हो गए हैं। गेम खेलना, एसएमएस करना और इंटरनेट सर्फ करना युवाओं का प्रिय शगल बन गया है। लेकिन उन्हें यह नहीं पता है कि यह शगल उनकी कलाइयों और अंगुलियों को बेकार बना सकता है।

 

डाक्टर विजय ने बताया कि कंप्यूटर पर काम करते वक्त हमारी सभी अंगुलियां इस्तेमाल में आती हैं और बारी-बारी से उंगलियों को आराम का मौका भी मिलता है। मगर मोबाइल पर गेम खेलते या एसएमएस करते वक्त हम अपने अंगूठे का इस्तेमाल अधिक करते हैं। अंगूठे पर बार-बार दवाब पड़ने की वजह से नसों में खिंचाव हो जाता है जिसकी परिणति कार्पल टनल सिंड्रोंम में होती है। कई बार बीमारी के गंभीर हो जाने पर अंगुलियों को काटने तक की नौबत आ जाती है।  वैसे, इस बीमारी की चपेट में अंगुलियों से ज्यादा काम लेने वाले जैसे ड्राइवर, मैकेनिक आदि भी आ जाते हैं। साथ ही, मधुमेह और गठिया के मरीजों तथा अधिक शराब सेवन करने वालों को भी इस रोग के होने का खतरा रहता है। इसके अलावा रजोनिवृत्ति और गर्भनिरोधक के सेवन से होने वाले हर्मोन संबंधी परिवर्तन के दौरान भी यह बीमारी हो सकती है।

 

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हाथ को कंधे तक उठाने में दर्द और अंगूठे, तर्जनी एवं मध्यमा में संवदेना की कमी आदि इस बीमारी के लक्षण हैं। डा. विजय ने बताया कि रोग के सही समय पर पकड़ में आ जाने पर इंडोस्कोपी के जरिये कार्पल टनल सिंड्रोम का कारगर इलाज किया जा सकता है।

 

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Written by
अन्‍य
Source: दैनिक जागरणMay 09, 2011

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