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काला आजार से चिकित्सा

Updated at: Jan 17, 2013
अन्य़ बीमारियां
Written by: सम्‍पादकीय विभागPublished at: Jan 01, 2013
काला आजार से चिकित्सा

कई कारणों से कालाजार का शीघ्र निदान एवं उपचार जरुरी है।   प्रभावी उपचार अपेक्षाकृत महंगा होता है और लंबे समय तक चलता  है। इसके निश्चित निदान के लिए उत्तकों के नमूने की आवश्यकता है जिसे प्राप्त करने में काफी जटिलताएं होती हैं और जिन्हें पाना बहुत हीं मुश्किल काम होता है।  जिन उत्तकों को इसके निदान के लिए नमूने के तौर पर लिया जाता है वे  अस्थि मज्जा, प्लीहा और कई बार लिम्फोनोड्स  के होते हैं।   परजीवी को इन ऊतकों के नमूनों में से माइक्रोस्कोपी द्वारा देखा जाता है या  परजीवी को अलग करके जांचा जाता है।

 

कालाजार के इलाज के लिए चिकित्सकों के पास बहुत हीं सीमित विकल्प होते  हैं। और तो और, ज्यादातर दवाओं के संतोषजनक परिणाम भी नहीं मिलते हैं।

 

जो  दवाएं सामान्यतः कालाजार के उपचार में इस्तेमाल किये जाते हैं वे निम्नलिखित हैं:

  •     पेंटावेलेंट  एंटीमोनिअल्स कमपाउंड
  •     पेंटामीडाइन  ,
  •     एम्फोटेरिसिन बी  और एम्फोटेरिसिन का लिपिड रूप ,
  •     मीलटेफ़ोसीन ,
  •     पारोमोमीसीन ,
  •     सीटामाँक्युइन 

कालाजार के इलाज के लिए जो दवाएं दी जाती हैं उनमें से अधिकांश को पेरीनेटरली दी जानी होती है  (यानि नस में) सिवाए  मीलटेफ़ोसीन के , जो कुछ हद तक  विषाक्त होते हैं।  पेंटावेलेंट  एंटीमोनिअल्स यौगिकों को  दुनिया भर में इस रोग के इलाज के लिए दवा के रूप में सबसे अधिक इस्तेमाल किया जाता है।  इनका इस्तेमाल तकरीबन साठ साल से किया जा रहा है और  एंटी लीशमनिया उपचार के लिए इसे मुख्य आधार के रूप में माना जाता है।  इन दवाओं को काला आजार के इलाज के लिए कई वर्षों से  बिहार में  प्रयोग किया जाता रहा है लेकिन अब इस रोग के परजीवी इन दवाओं के प्रति प्रतिरोधी होते जान पड़ रहे हैं।

 

कालाजार के उपचार में यह बहुत हीं महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप  दवाओं को विवेकपूर्ण तरीके से प्रयोग करें क्योंकि इसके अंधाधुंध प्रयोग से इसके परजीवी/रोगज़नक़ों  के प्रति प्रतिरोधी हो सकते हैं और फिर उनपर दवा का असर कम हो जाता है।   अपने रोग के उपचार के लिए दवा का सेवन नियमित रूप से उसी प्रकार से करते रहे जैसा आपके चिकित्सक ने बताया है तथा खुद दवा खाना बंद न करें क्योंकि उपचार के बीच में दवा को छोड़ना आपके लिए जानलेवा साबित हो सकता है साथ हीं दूसरों  के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है।  अगर कालाजार के परजीवी को  आपके शरीर से पूरी तरह से दूर  नहीं किया गया तो बाद में यह फिर से विकसित कर सकता है तथा आपके साथ साथ दूसरों को भी अपनी चपेट में ले सकता है।

 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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