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कमर दर्द से बेहाल न हों

महिला स्‍वास्थ्‍य By अन्‍य , सखी / Jul 30, 2010
कमर दर्द से बेहाल न हों

आज की भाग-दौड भरी जिंदगी में कमर दर्द आम समस्या है और इसके कारण सामान्‍य से जटिल तक हो सकते हैं । अगर आपको लम्‍बे समय से कमरदर्द की शिकायत है तो चिकित्‍सक से संपर्क ज़रूर करें। इससे पहले आपको कमरदर्द सताए अपने रहन सहन पर ध्यान दें ।

back painआज की भाग-दौड भरी जिंदगी में कमर दर्द आम समस्या है। अचानक झुकने, वजन उठाने, झटका लगने, गलत तरीके से उठने-बैठने और सोने, व्यायाम न करने और पेट बढने से भी कमर दर्द हो सकता है। बच्चों के भारी-भारी बस्ते, महिलाओं में ऊंची हील की चप्पल पहनने और ऊबड-खाबड रास्तों में ड्राइविंग से रीढ की हड्डी प्रभावित हो सकती है। जिससे स्थाई दर्द रह सकता है। भारत में 10-15 फीसदी लोग किसी न किसी रूप में कमर दर्द झेल रहे हैं। 30 से 50 साल के लोग इसके सबसे ज्यादा शिकार होते हैं। कमर दर्द की दो स्थितियां गंभीर मानी जाती हैं-स्लिप डिस्क और साइटिका। रीढ की हड्डी में दो वर्टिब्रा यानी कुंडों जैसी हड्डियों में डिस्क होती है जो झटका सहने (शॉक एब्जॉर्वर) का काम करती हैं। डिस्क के घिस जाने से इनमें सूजन आ जाती है और यह उभरकर बाहर निकल आती है। इससे रीढ की हड्डी से पैरों तक जाने वाली नसों पर दबाव पडता है।


क्या करें

  • नियमित रूप से पैदल चलें।
  • अधिक समय तक स्टूल या कुर्सी पर झुककर न बैठें।
  • शारीरिक श्रम से जी न चुराएं। श्रम से मांसपेशियां पुष्ट होती हैं।
  • भारी सामान को उठाकर रखने की बजाय धकेलकर रखें।
  • हमेशा घुटने मोडकर बैठें।
  • शरीर का वजन नियंत्रित रखें।


छाया: सखी



 

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

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