एसोफैगल कैंसर का पूर्वानुमान

Updated at: Apr 08, 2013
एसोफैगल कैंसर का पूर्वानुमान

एसोफैगल कैंसर का पूर्वानुमान: जानें क्या है एसोफैगल कैंसर का पूर्वानुमान।

Anubha Tripathi
कैंसरWritten by: Anubha TripathiPublished at: Dec 24, 2009

esophageal cancer ka purvanuman

एक बार कैंसर का निदान हो जाने पर डॉक्टर रोगी के कैंसर की स्टेज जानने के लिए टेस्ट  कराएंगे। इसके स्तर शून्य से चार तक हैं। कैंसर के फैलाव के अनुपात में स्तर ऊंचा होता जाता है। उदाहरण के लिए स्तर 0 में कैंसर एसोफेगस की केवल बाहरी परत पर होता है। स्तर 1 में कैंसर एसोफेगस की बाहरी मांसपेशी परत में नहीं पहुंचा होता।

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ट्यूमर निकालने के लिए सर्जरी उपचार का सर्वश्रेष्ठ तरीका है। हालांकि यदि मरीजों में यह पास की लिम्फ नोड्स या दूसरे अंगों में यह फैल चुका हो तो, चाहे कैंसर का पहली बार ही निदान किया गया हो, पूरा इलाज उसी अनुपात में कठिन हो जाता है। यदि निदान जल्दी हो जाए तो पांच वर्ष तक के लिए बचने की दर (सर्वाइवल रेट) काफी अधिक, 75 प्रतिशत होती है ।



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यह दर स्तर 0 का निदान वाले मरीजों की है और स्तर 1 का निदान पाए जाने वाले मरीजों के लिए यह दर 40 से 50 प्रतिशत है। ज्यादातर एसोफेगल कैंसर का निदान तभी हो पाता है जब स्तर काफी ऊंचा हो चुका होता है और पांच वर्षों के लिए सर्वाइवल रेट केवल 15 से 20 प्रतिशत बचती है। सर्जरी के साथ या इसके बिना, कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी जीवन दशा में सुधार कर सकती हैं और कैंसर के उच्च स्तर के बावजूद सर्वाइवल रेट बढ़ा सकती हैं।

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