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आधे घंटे में होगा स्तन कैंसर का इलाज

कैंसर By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Jan 15, 2013
आधे घंटे में होगा स्तन कैंसर का इलाज

ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक डा. जयंत एस. वैद्य ने स्तन कैंसर के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है।

-भारतीय वैज्ञानिक ने ईजाद की नई तकनीक


ब्रिटेन में भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक डा. जयंत एस. वैद्य ने स्तन कैंसर के इलाज में एक बड़ी सफलता हासिल की है। उन्होंने इलाज के लिए छह हफ्ते तक चलने वाली रेडियोथेरेपी को महज आधा घंटे की 'सिंगल डोज' में परिवर्तित कर दिया है। जयंत मुख्य रूप से गोवा के रहने वाले हैं।


इस नई तकनीक में रेडियोथेरेपी उपकरण को पूरे स्तन में डालने की बजाय केवल कैंसर प्रभावित स्थान पर ही डाला जाता है। यूनिवर्सिटी कालेज लंदन में कार्यरत जयंत और उनके सहयोगियों ने इस तकनीक को 'टारगेटिड इंट्रा ओपरेटिव रेडियोथेरेपी' (टीआईआर) नाम दिया है।


-क्यों है बेहतर : वर्तमान तकनीक में पूरे स्तन पर रेडियोएक्टिव किरणें पड़ने की वजह से शरीर के अन्य महत्वपूर्ण अंग जैसे दिल, फेफड़ों के भी प्रभावित होने का खतरा रहता है। लेकिन इस तकनीक में एक निश्चित भाग को ही लक्ष्य बनाया जाता है। इससे शरीर के बाकी अंग पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।


डाक्टरों का मानना है कि स्तन कैंसर की सर्जरी में रेडियोथेरेपी की एक बार की खुराक ज्यादा प्रभावी है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक महज आधा घंटे में स्तन के ट्यूमर को नष्ट कर देती है। टीआईआर तकनीक का दस सालों तक नौ देशों में करीब दो हजार महिलाओं पर परीक्षण किया गया। उन्होंने पाया कि यह तकनीक छह हफ्ते तक चलने वाली रेडियोथेरेपी के बराबर प्रभावी है। वैज्ञानिकों की टीम की सदस्य डा. सुसान लव ने बताया, 'इस तकनीक में न केवल समय की बचत होगी, बल्कि पुरानी तकनीक के विपरीत स्तन के ऊतकों को भी नष्ट होने से बचाया जा सकेगा।'

 

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