• shareIcon

अर्कनोडाइटिस स्पाइनल पेन

दर्द का प्रबंधन By सम्‍पादकीय विभाग , ओन्‍ली माई हैल्‍थ सम्पादकीय विभाग / Dec 24, 2009
अर्कनोडाइटिस स्पाइनल पेन

अर्कनोडाइटिा ाब्द का अर्थ, अर्कनोइड का सूजन और प्रदाह होता है और यह दिमाग या स्पाइनल कोर्ड के किसी भी भाग से संंबंधित होता है। स्पाइनल अर्कोनायडाइटिस सिरिब्रल से कहीं अधि सामान्य होता है। अर्कनोयॉड स्पाइनल कार्ड और दिमाग को ढाकने वाले तीन झिल्लियों में से एक होता है। इसमें सूजन के फलस्वरूप नसों में रक्त के संचारण में बाधा उत्पन्न हो जाता है जिससे मरीज में बैचेनी होने लगती है। अर्कोनोडायटिस के लक्षण के तौर पर त्वचा में प्रदाह हाने,हल्के से गंभीर दर्द और पैरालायसिस तक हो सकता है। इसका लक्षण में गंभीर वेदना और जलन के साथ दर्द और स्नायू तंत्र की समस्या तक हो सकती है।

 

कारण

 

अर्कोनाडायटिस के कारणों को निम्नलिखित चार वगों‍र् में विभाजित किया जा सकता है।

  • टराउमा :  यह प्रकार का एक स्पाइनल सजर्री होता है । इसमें स्पाइनल कोर्ड से इंजेक्षन द्वारा सीएसएफ को निकालकर उसे टेस्ट किया जाता है। कभी –कभी इसके कारण भी य अरकोनोडज्ञइटिस  के होने की संभावा रहती है।
  • इंजेक्षन:  कोरटिको स्टारायॅड जैसी एनेस्थेटिक दवाओं को स्पाइनल कोर्ड में या उसके पास एपिडयूरल में इंजेक्षन लगाने पर ।
  • संक्रमण : अरकोनोआइड या सकरिबरोस्पाइनल फलूइड ,,सीएसएफ,, में किसी तरह का संक्रमण होना ।
  • रक्त :  सेिाबरोस्पाइनल फलयू डमें टराउमा या किसी अन्य वजह से रक्तस्राव होना ।

 

लक्षण

  • दर्द : अरकोनोडाइटिस का सबसे बड़ा लक्षण पीठ के नीचले हिस्से और ारीर के कमर से नीचे के अंगों में गंभीर किस्म का दर्द होना जो बाद में चलकर पूरे ारीर में फैल जाता है।

अरकोनोडाइटिस के अन्य लक्षण

  • पांवों में कमजोरी, झुनझुनाहट पांव का सुन्न हो जाना
  • पांव का पसीजना और पांव में सुइ्र चुभाने जैसा दर्द होना
  • कभी–कभी बिजली के कंरट लगने जैसा दर्द का अनुभव होना
  • मांसपेषियों में अकड़न, सिकुड़न होना दर्द के मारे मरीज का पांव घसीट कर चलना
  • आंत, मुत्र संस्थान और सेक्सुअल अंगों में कमजोरी होना

 

निदान

  • रेडियोलोजिकल इमेजिन: अरकोनाडज्ञइटिस की बीमारी की पहचान और पुश्टी करने के लिए कमपयूटर टेमोग्राफी ,, सीटी स्कैन या मैगनैटिे रिजोनैंस इमैजिन यानी एमआरआई स्कैन सबसे भरोसेमंद जांच होता है। एमआरआइ्र से बीमारी की तीव्रता और उसके स्थान का पता चलता है। लेकिन इस बीमारी के प्रारंभिक अवस्था में टेस्ट  निगेटिव भी आ सकता है।
  • स्पाइनल फलूयड एनालाइसिस :दर्द और सूजन होने के ाुरूआती दिनों में  स्पाइनल कॉर्ड से स्पाइनल फलयूड निकालकर इसकी जांच करने से भी बीमारी का निर्धारन करने में आसानी होती है।

कुछ मरीजो में रेडियोलोजिकल टेस्ट, कलिनिकल टेस्ट और फलयूड एनालाइसिस से भी रोग को निर्धारन करना मुष्किल हो जाता है।

 

उपचार

 

यहां उपचार के कुछ तरीके बताए गए हैं जिससे अरकनोडाइटिस को ठभ्क किया जा सकता है। आमतौर पर इसका इलाज भ्ज्ञी वहीं होता है जो पुराने और गंभीर केस्म के दर्द के अन्य रोगों में किया जाता है।

छवा का सेवन

  • स्टरायॅड रहित दवाएं : इसमें आइबुपरोफेन, नैपरोक्सीन, डिक्लोफेन्स मेफानेमिक एसिड जैसी स्टरॉयड रहित दर्द निवारक गोलियां दी जाती है।
  • नारकोटिक दर्द निवारक दवाए : गंभीर किस्म के दर्द में कोडिन और माफर्ैिन जैसी नारकोटिक दर्द निवारक दवाएं भी दर्द से राहत पाने के लिए मरीज को दी जाती है। लेकिन इसका इस्तेमाल हमेषा नही करना चाहिए ।लगातार इसका सेवन करने से कई तरह के साइड एफैक्ट होते हैं और मरीज इसका आदि हो जाता है।
  • कारटिकोस्टरॉड,, इंजेक्षन और दवा,,,: जब उपरोक्ता दवाएं दर्द को कम करने में असफल साबति हो रहा हो और मरीज दर्द के मारे कराह रहा हो तब ऐसी परिस्थिति में मरीज को दर्द से तुरंत राहत देने के लिए इस दवा को प्रयोग किया जाता है। इसका इस्तेमाल दर्द वाले स्थान पर इंजेक्षन लगाकर किया जाता है या मरीज को दवा खिलाया जाता है।
  • मांसपेषियों को आराम देने वाला रेलेक्सेंट: मांसपेषियों का आराम देने के लिए कैरिसोप्रोडो...

Disclaimer

इस जानकारी की सटीकता, समयबद्धता और वास्तविकता सुनिश्चित करने का हर सम्भव प्रयास किया गया है हालांकि इसकी नैतिक जि़म्मेदारी ओन्लीमायहेल्थ डॉट कॉम की नहीं है। हमारा आपसे विनम्र निवेदन है कि किसी भी उपाय को आजमाने से पहले अपने चिकित्सक से अवश्य संपर्क करें। हमारा उद्देश्य आपको जानकारी मुहैया कराना मात्र है।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK